नयी दिल्ली, 23 सितंबर (वार्ता) आम आदमी पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बचत उत्सव से देशवासियों को सावधान करते हुए कहा कि उनका बचत उत्सव कहीं चपत उत्सव न बन जाए क्योंकि सरकार ने कच्चे माल पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) 12 से बढ़ाकर 18 फीसदी कर दिया है इससे वस्तुएं महंगी हो जाएंगी।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश में बचत उत्सव का शुभारम्भ किया है। जब भी प्रधानमंत्री बड़े-बड़े एलान या दावे करते हैं तो जनता उनके बहकावे में आकर उनकी असलियत भूल जाती है। प्रधानमंत्री का यह बचत उत्सव है या फिर चपत उत्सव है, लोग ये भूल जाते हैं। नोटबंदी के दौरान यही प्रधानमंत्री ने देश के लोगों से 50 दिन मांगे थे। पूरा देश नोटबंदी के जश्न में शामिल होकर लाइनों में खड़ा हो गया। नोटबंदी से न कालाधन खत्म हुआ, न जाली नोट खत्म हुआ, न आतंकवाद खत्म हुआ।
उन्होंने कहा कि पिछले आठ साल में केंद्र सरकार ने जीएसटी के नाम पर देश की जनता से 127 लाख करोड़ रुपए वसूला। आज जनता जिस बचत उत्सव में शामिल होने जा रही है, उसे आठ साल तक इसी सरकार ने चपत लगाया। ऐसा नहीं है कि ये सारा पैसा अडानी-अंबानी जैसे पूंजीपतियों से वसूला गया है। देश के 50 फीसदी गरीब जनता से कुल टैक्स का 64 फीसदी हिस्सा वसूला गया और मिडल-अपर मिडल क्लास से 33 फीसदी और बड़े-बड़े अमीरों से मात्र तीन फीसदी टैक्स वसूला गया।
आप नेता ने कहा कि अब मोदी सरकार जीएसटी में क्रांतिकारी सुधार लाने के दावे कर रही है और कह रही है कि इससे आम जनता को बहुत फायदा होगा। इससे आम जनता की दो लाख करोड़ रुपए की बचत होगी। सरकार यह भी दावा कर रही है कि जीएसटी में सुधार से उसे 47 हजार करोड़ रुपए का घाटा होगा। जब सरकार को 47 हजार करोड़ रुपए का घाटा होगा तो जनता को दो लाख करोड़ रुपए का फायदा कैसे होगा? अगर हम मोदी जी के देश की जनता को दो लाख करोड़ रुपए की बचत होने के दावे को भी मान लें, तब भी एक व्यक्ति की महीने में 115 रुपए की बचत होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने कच्चे माल पर टैक्स 12 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी कर दिया गया है और तैयार माल पर टैक्स घटाकर जीरो फीसदी कर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री के हर उत्सव पर हमें सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि पता चला कि बिहार चुनाव का परिणाम आया और रात आठ बजे प्रधानमंत्री आकर कहने लगें कि फिर से आपकी जेब काटना राष्ट्र के लिए जरूरी हो गया है। प्रधानमंत्री भरोसे के योग्य नहीं हैं।
श्री सिंह ने आंकड़े साझा करते हुए कहा कि भारत सरकार ने जीएसटी सुधार के एलान के दौरान कहा कि देश के लोगों को अब स्वदेशी अपनाना है। प्रधानमंत्री जिस कैमरे में बोल रहे थे, वो कैमरा भी विदेशी है। प्रधानमंत्री इटली का चश्मा, स्विटजरलैंड की घड़ी पहनते हैं, जर्मनी की पेन लगाते हैं। अमेरिका का फोन, जर्मनी की कार, विदेशी जहाज भी इस्तेमाल करते हैं। कपड़े-जूते सब विदेशी इस्तेमाल करते हैं और देश की जनता से 127 लाख रुपए लूटने के बाद स्वदेशी अपनाने के लिए कह रहे हैं।
