सिंगरौली : भारतीय जनता पार्टी में इन दिनों संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर हलचल तेज हो गई है। युवा मोर्चा और महिला मोर्चा के जिला अध्यक्ष पद के लिए दावेदारों की दौड़ भोपाल तक पहुंच गई है। पार्टी के भीतर गहमागहमी का माहौल है और हर दावेदार अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटा हुआ है।युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष पद के लिए आधा दर्जन से अधिक दावेदार सक्रिय बताए जा रहे हैं। प्रमुख नामों में विनीत द्विवेदी, संजय दुबे, लालबाबू बैस समित चतुर्वेदी, शशांक विक्रम सिंह, मृत्युंजय सिंह और प्रिंस केसरी शामिल हैं।
वहीं वर्तमान जिला अध्यक्ष राजेंद्र सिंह पाल का नाम भी चर्चा में है। वहीं महिला मोर्चा पद के लिए रिचा सिंह और वर्षा दुबे भी जमीनी स्तर पर सक्रियता और संगठन के प्रति समर्पण के दम पर अपनी दावेदारी मजबूत कर रही हैं। तीनों के बीच मुकाबला बेहद करीबी माना जा रहा है। कुल मिलाकर भाजपा में इन नियुक्तियों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। अब सबकी नजर पार्टी नेतृत्व के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो न केवल संगठन की दिशा तय करेगा, बल्कि आगामी चुनावी रणनीति पर भी असर डालेगा।
ब्राह्मण या बैसवार समाज को मौका मिलने की संभावना
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों की मानें तो इस बार नए चेहरों को मौका देने की संभावना जताई जा रही है, जिससे मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। संगठन के भीतर जातीय समीकरण भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। चर्चा है कि युवा मोर्चा अध्यक्ष पद ब्राह्मण वर्ग को दिया जा सकता है, वहीं पिछड़ा वर्ग, विशेषकर बैसवार समाज के नाम पर भी मंथन चल रहा है। ऐसे में अंतिम फैसला संतुलन साधने के आधार पर लिया जा सकता है। उधर महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष पद को लेकर भी कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। रिचा सिंह, वर्षा दुबे और नम्रता सिंह प्रमुख दावेदार के रूप में उभरकर सामने आई हैं। खास बात यह है कि नम्रता सिंह पिछले कार्यकाल में भी दावेदार रही हैं और लगातार संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, जिससे उनकी दावेदारी को गंभीरता से देखा जा रहा है।
