धर्मशाला, (वार्ता) हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने झारखंड से सामने आई एक भयावह घटना पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त करते हुए इसे एक सभ्य समाज पर कलंक बताया।
हजारीबाग जिले के एक गांव में हुई घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक महिला अपने बीमार बेटे के इलाज के लिए एक तांत्रिक के पास गई, जिसने बताया कि लड़के के ठीक होने के लिए एक कुंवारी लड़की की बलि देना जरूरी है। तांत्रिक के दावों से गुमराह होकर महिला ने कथित तौर पर अपनी 13 वर्षीय बेटी की बलि देने के लिए सहमति दे दी।
शांता कुमार ने इस घटना को बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि आज के समाज में ऐसे कृत्य अकल्पनीय हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद विचलित करने वाला है कि एक माँ अपने बेटे को बचाने के प्रयास में इस हद तक गिर सकती है।
उन्होंने सरकार से इस अपराध में शामिल सभी लोगों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मृत्युदंड सहित अधिकतम संभव सजा की मांग की।
