नयी दिल्ली 09 मई (वार्ता) केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री एवं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पारसी समुदाय की विरासत को संरक्षित करने और उनकी घटती जनसंख्या से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है।
श्री रिजिजू ने मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) के राष्ट्रीय संगोष्ठी में आज पारसी समुदाय की विरासत को संरक्षित करने और उनकी घटती जनसंख्या से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। पारसी समुदाय ने भारत के औद्योगिक, आर्थिक और सामाजिक विकास में ऐतिहासिक योगदान दिया है। सरकार पारसी आबादी में गिरावट की समस्या से निपटने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा, “यह केवल संख्या का विषय नहीं है, बल्कि प्रभाव का महत्व है। सरकार हर समुदाय को महत्व देती है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर काम कर रही है, जिसे तीसरे कार्यकाल में ‘सबका विश्वास’ और ‘सबका प्रयास’ से और मजबूत किया गया है।” उन्होंने जियो पारसी योजना समेत विभिन्न विषयों पर समुदाय से सुझाव भी आमंत्रित किए।
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री जार्ज कुरियन ने कहा कि पारसी समुदाय आज जनसंख्या में गिरावट और बदलते सामाजिक ढांचे जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिसके समाधान के लिए सरकार और समुदाय दोनों को मिलकर काम करना होगा।
