सालों से वही ढाक के तीन पात: हर साल भीगता है अनाज, फिर भी बेसुध है मंडी प्रबंधन

छिंदवाड़ा। जिले में पिछले तीन दिनों से हो रही बारिष ने किसानों की आफत बढ़ा दी है। हालात यह है कि मंडी में खुले में रखा किसानों का हजारों क्विंटल अनाज गीला हो गया है। अनाज गीला होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों को अनाज सुखाना होगा, नहीं तो किसानों को अनाज में नमी होने से दाम बेहतर नहीं मिलेंगे। किसानों ने अव्यवस्था के चलते भारी नुकसान होने की बात कही है। बता दें कि बारिश शुरू होते ही खरीदी केंद्रों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जिन किसानों के पास प्लास्टिक और तिरपाल की व्यवस्था थी, उन्होंने किसी तरह गेहूं को ढंककर बचाने की कोशिश की, जबकि बड़ी संख्या में किसान बेबस नजर आए। कई केंद्रों पर शेड के नीचे पहले से व्यापारियों और खरीदा गया गेहूं रखा होने के कारण किसानों का अनाज खुले में पड़ा रहा और बारिश में भीग गया। किसानों का कहना है कि मौसम विभाग द्वारा पिछले तीन दिनों से बारिश की संभावना जताई जा रही थी, इसके बावजूद खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। यदि समय रहते तिरपाल और सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था होती तो नुकसान को रोका जा सकता था। इधर, अचानक हुई बारिश के बाद तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में कहीं हल्की बूंदाबांदी तो कहीं तेज बारिश हुई।

अमरवाड़ा की कृषि उपज मंडी और खरीदी केंद्रों में भी गेहूं गीला होने की षिकायतें आ चुकी है। मौसम खराब होने के बाद भी मंडी प्रबंधन ने बारिष से बचने कोई व्यवस्था नहीं बनाई। ऐसा नहीं है कि यह पहला मौका है। बारिष के कारण सालों से अनाज गीला होते आ रहा है। प्रबंधन बेसुघ अपने कार्यालयों में बैठे रहते है।

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Sat May 9 , 2026
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