
देवास/सोनकच्छ। नगर की कालीसिंध नदी में लंबे अंतराल के बाद पानी आया। जिसके कारण पिपलेश्वर महादेव मंदिर जाने का रास्ता कुछ समय के नदी किनारे से बंद हो गया था। वहीं सोनकच्छ से जलेरिया सहित हाटपीपल्या नगर को जोड़ने वाला मार्ग पर स्थित पीलिया खाल उफान पर आने से कई घंटे से बंद रहा। वहीं बारिश के आंकड़ों की बात करें तो सोनकच्छ में बुधवार सुबह 6 बजे से गुरुवार सुबह 6 बजे तक चौबीस घंटे में 65.25 मिमी (2.6 इंच)
वर्षा दर्ज की गई है। जारी मानसून सत्र में 524 मिमी (20.96 इंच) वर्षा दर्ज की जा चुकी है। गत वर्ष अब तक 658 मिमी (26.32 इंच) वर्षा ही दर्ज हुई थी। यानी की गत वर्ष के मुताबिक इस वर्ष 134 मिमी (5.36 इंच) कम वर्षा दर्ज हुई है। जिले प्रमुख अभिलेख शाखा के
आंकड़ों पर नजर करे तो इस वर्ष सबसे ज्यादा वर्षा खातेगांव क्षेत्र में 41.08, सतवास 39.16, कन्नौद 35.64, बागली 31.44, उदयनगर 28.72, देवास 27.72, टोंकखुर्द, हाटपीपल्या 27.04 इंच वर्षा दर्ज की गई। जबकि इस वर्ष सबसे कम वर्षा सोनकच्छ क्षेत्र में दर्ज की गई। यहां पर मात्र अब तक 20.96 इंच वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक सोनकच्छ में औसत वर्षा 1021.80 मिमी (40.87 इंच) वर्षा होनी चाहिए। लेकिन अब तक मात्र 524 मिमी वर्षा दर्ज हुई। अगर क्षेत्र में 20 इंच वर्षा दर्ज नही होती है तो सोनकच्छ जल अभावग्रस्त घोषित होने की संभावना है।
