
भोपाल। जलवायु परिवर्तन और बढ़ते जल संकट को देखते हुए मध्यप्रदेश के श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने नदियों के संरक्षण के लिए एक विशेष अभियान की शुरुआत की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोगों को जागरूक कर नदियों और प्रकृति से जोड़ना है।
राज्य शासन के जल गंगा संवर्धन अभियान से प्रेरित होकर मंत्री पटेल नदियों के उद्गम स्थलों की पैदल यात्रा कर रहे हैं। अब तक वे 101 नदियों के स्रोत तक पहुँच चुके हैं और उनका लक्ष्य 108 उद्गम स्थलों तक पहुँचने का है। नर्मदा परिक्रमा का अनुभव रखने वाले पटेल ने इस पूरी यात्रा को माँ नर्मदा को समर्पित करने का संकल्प लिया है।
इस दौरान वे लगातार संदेश दे रहे है नदी है, तो सदी है। उनका मानना है कि मध्यप्रदेश की पहचान उसकी नदियों से है और जब तक सहायक नदियाँ सुरक्षित नहीं होंगी, तब तक नर्मदा जैसी बड़ी नदियाँ भी जीवित नहीं रह पाएंगी।
इस अभियान की खासियत यह है कि मंत्री स्वयं गांवों, जंगलों और पहाड़ियों से होकर पैदल उद्गम स्थल तक जाते हैं। वे स्थानीय लोगों को नदी संरक्षण से जोड़ते हैं और प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश देते हैं।
धीरे-धीरे यह पहल जनभागीदारी पर आधारित एक मॉडल बन रही है, जो सरकारी प्रयासों से आगे बढ़कर एक जनआंदोलन का रूप ले रही है। यह न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए जल संरक्षण का प्रेरणादायक उदाहरण साबित हो रहा है।
