
इंदौर. राजा रघुवंशी हत्याकांड की जांच कर रही मेघालय पुलिस के सामने अब भी कई अहम सवाल अनुत्तरित हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि हत्या के बाद राजा के दोनों मोबाइल फोन कहां गए? वहीं, राजा की सोने की चेन और अंगूठी भी अब तक बरामद नहीं हो सकी है. सोनम की खामोशी के चलते अब भी कई सवाल अनुत्तरित है. अब मेघालय पुलिस को सोनम की चैटिंग से ही उम्मीद की किरण नजर आ रही है.
मेघायल पुलिस को शक है कि मोबाइल फोन में मौजूद चैटिंग से हत्या की साजिश और घटनाक्रम की परतें खुल सकती हैं. हनीमून ट्रिप पर गए राजा और सोनम के पास तीन मोबाइल फोन थे एक सोनम का और दो राजा के पुलिस को जहां राजा का शव मिला था , वहां दो मोबाइल की टूटी हुई स्क्रीन तो मिली मगर फोन नहीं. वहीं मोबाइल लोकेशन से ये तो साफ हो गया कि हत्या के समय राजा के दोनों नंबर जहां एक्टिव थे, वहीं सोनम की भी लोकेशन मिली है. पुलिस को आशंका है कि सोनम व अन्य आरोपियों ने दोनों मोबाइल गहरी खाई में फेंक दिए, लेकिन वह जगह अभी तक पुलिस पता नहीं कर सकी है.
पुलिस को नहीं मिला जवाब, क्योंकि सोनम हैं खामोश
पुलिस अफसरों ने जब सोनम से इस बारे में सवाल किए, तो उसने कोई जवाब नहीं दिया. अधिकारियों का कहना है कि फोन से की गई चैटिंग और कॉल डिटेल केस में महत्वपूर्ण सबूत बन सकते हैं. वहीं सूत्रों ने यहां तक भी बताया कि सोनम को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं दिखता, हालांकि वह यह भी कह रहे हैं कि हमारा काम उसकी मानसिक स्थिति पर नहीं, बल्कि सबूतों की पुष्टि कर केस को मजबूत बनाना है.
गले से चेन, हाथ से अंगूठी भी गायब
राजा की मां उमा रघुवंशी ने पुलिस को यह भी बताया था कि गुवाहाटी रवाना होने से पहले सोनम के कहने पर राजा ने सोने की चेन और अंगूठी पहनी थी. मगर जब 2 जून को खाई में जहां राजा की लाश मिली थी तब न तो राजा के गले में चेन थी और न ही हाथ में अंगूठी. जबकि लाश की पहचान राजा के हाथ पर बने टैटू ‘राजा’ से हुई थी.
90 दिन से पहले पेश होगा चालान
मेघायल पुलिस के अधिकृत सूत्रों का यह भी कहना है कि मामले में 90 दिन से पहले कोर्ट में चालान पेश कर दिया जाएगा. घटनास्थल के आसपास सबूतों की तलाश और वेरिफिकेशन का काम तेजी से किया जा रहा है.
