
शाजापुर, 4 मार्च. अधिकारियों के बंगलों में लगे नल कनेक्शनों पर करीब 50 लाख रुपए बकाया है. जिसकी वसूली के लिए नगर पालिका अधिकारी हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहे. यहां से जलकर की राशि वसूलना तो दूर, जिम्मेदार उन्हें नोटिस तक नहीं दे पा रहे. पुलिस, प्रशासन, शिक्षा विभाग सहित संपूर्ण शासकीय बंगलों में जलकर के नाम पर लाखों रुपए बकाया है, जो आज तक नगर पालिका ना तो वसूल पाई और ना ही उसके द्वारा कोई कार्रवाई की गई. कलेक्टर बंगले से लेकर भृत्य के सरकारी मकान में भी जलकर का भारी भरकम बिल बकाया है.
गौरतलब है कि आम जनता पर जलकर यदि जरा भी बकाया हो जाए, तो नगर पालिका उस पर सरचार्ज लगाकर कनेक्शन काटने का नोटिस जारी कर देती है, लेकिन दूसरी ओर जिला प्रशासन के छोटे-बड़े सभी अधिकारियों के बंगले पर एक से अधिक नल कनेक्शन है, जिन पर करीब 50 लाख रुपए बकाया है, लेकिन नगर पालिका इनसे जलकर वसूलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है. जिला प्रशासन का ऐसा कोई अधिकारी-कर्मचारी नहीं है, जो सरकारी मकानों में रहकर मुफ्त का पानी नहीं पी रहा हो. जो भी अधिकारी आता है और तबादला होकर चला जाता है, लेकिन जलकर बकाया राशि सतत रूप से जारी रहती है. नगर पालिका से ऐसे ही अधिकारियों के बंगलों की एक सूची नवभारत को मिली है, जिसमें मई 2023 से जनवरी 25 तक जिला प्रशासन के अधिकांश बंगले के अधिकारी-कर्मचारी पर लाखों रुपए का जलकर बकाया है. किसी बंगले में नल के दो कनेक्शन हैं, तो दोनों ही कनेक्शन से पानी तो आ रहा है, लेकिन पानी की कीमत अदा नहीं की जा रही है. यहां तक कि दो दशक पूर्व जो कलेक्टर-एसपी या अन्य अधिकारी शाजापुर में पदस्थ रहे, उनके नाम से आज भी जलकर का हजारों रुपए बकाया है. ये बकाया लगातार बढ़ता जा रहा है, क्योंकि बंगलों में अधिकारियों का आना-जाना होता रहता है, लेकिन कोई भी पुराने अधिकारी के कार्यकाल का बकाया नहीं चुकाता. यहां तक कि पुराने बकाया को देखते हुए वह अपने कार्यकाल का भी जलकर नहीं देता है. यही कारण है कि लगभग 50 लाख से अधिक का जलकर केवल सरकारी बंगलों और कार्यालयों का बकाया है.
इनका कहना है
सरकारी बंगलों पर जलकर बकाया है. पूर्व अधिकारियों द्वारा जमा नहीं किया गया है. कुछ बंगलों का पैसा जमा हुआ है, लेकिन फिर भी कई सरकारी बंगले और कार्यालयों में जलकर की राशि बकाया है. इस संबंध में सूची तैयार कर जलकर भरने के लिए कहा जाएगा.
– मधु सक्सेना, सीएमओ-शाजापुर
सरकारी बंगलों पर जलकर की बकाया राशि लाखों में है और जलकर की वसूली के लिए जल्द ही परिषद कार्यवाही करने वाली है. जिन बंगलों पर जलकर बकाया है. यदि वे राशि जमा नहीं करते हैं, तो उनके नल कनेक्शन भी काटे जाएंगे.
– प्रेम जैन, अध्यक्ष, नगर पालिका, शाजापुर
