जबलपुर: क्या हमेशा दूसरों जिलों के ही भरोसे रहेंगे हम? शीर्षक के साथ 7 मई को प्रकाशित खबर का असर दिखने लगा है। गुरूवार को होमगार्ड, एसडीआरएफ के जवानों को हाईटेक रेस्क्यू की बारीकियां सिखाने तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू कर दिया गया है। प्रशिक्षण के दौरान जवानों को जल आपदा के समय इस्तेमाल होने वाले अत्याधुनिक उपकरणों के संचालन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जीवन बचाने की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया जा रहा है। जवानों को शारीरिक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जा रहा है। विशेषज्ञ टीम जवानों को ट्रेनिंग दे रही है। ये प्रशिक्षक जवानों को आपदा के दौरान रिस्पॉन्स टाइम कम करने और उपकरणों के सटीक उपयोग का अभ्यास करा रहे हैं।
संभाग के 51 जवान शामिल
होमगार्ड व नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन मुख्यालय, मध्य प्रदेश भोपाल के निर्देशानुसार, जबलपुर में होमगार्ड, एसडीआरफ जवानों के लिए विशेष प्रशिक्षण का शुभारंभ हुआ है। डिवीजनल कमांडेंट होमगार्ड जबलपुर आशीष खरे के कुशल निर्देशन में आयोजित यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण 7 मई से 9 मई 6 तक संचालित किया जाएगा। प्रशिक्षण में जबलपुर संभाग के विभिन्न जिलों से चयनित 51 जांबाज जवान हिस्सा ले रहे हैं।
आपदा से निपटने के लिए तैयार हो रही रेस्क्यू टीम
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, विशेषकर बाढ़ और जल संकट के दौरान जान-माल की रक्षा करना है। इस दौरान जवानों को बेसिक एवं एडवांस तैराकी, जल आपदा के समय उपयोग होने वाले आधुनिक आपदा उपकरणों का संचालन और एडीआरसी का गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
अनुभवी अधिकारियों की देखरेख में अभ्यास
प्रशिक्षण की पूरी कमान जिला सेनानी एवं प्रशिक्षण प्रभारी नीरज सिंह ठाकुर के हाथों में है। प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए सहायक प्रभारी के रूप में प्लाटून कमांडर पुष्पेंद्र अहिरवार, मनीष लोहट एवं कैलाश सिंगारे (होमगार्ड जबलपुर) सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और प्रशिक्षक भी जवानों को आपदा के दौरान त्वरित कार्रवाई और तकनीकी बारीकियों से अवगत करा रहे हैं।
ईश्वर ऐसा दिन फिर न दिखायें
30 अप्रैल की शाम को बरगी बांध में क्रूज डूबने के बाद जहां जिंदा लाशें तैर रही थी तो परिजन बदहवास होकर किनारों पर दौड़ते रहे, चीखते रहे, तट में चीत्कार की गूंज थी । चार दिनों तक रेस्क्यू चला था। बरगी का पानी सिर्फ लाशें उलग रहा था। जिला टीम के हाथ-पांव फूल गए थे और बचाव के लिए आनन-फानन में पड़ोसी पांच जिलों से रेस्क्यू टीमों को बुलानी पड़ गई थी। इस खौफनाक हादसे को जिसने भी देखा, अपनों को खोया उसकी ईश्वर से बस इतनी ही प्रार्थना है कि हे प्रभु ऐसा दिन फिर किसी को न दिखाना।
