एमपी में किसान सत्याग्रह: समर्थन मूल्य के मुद्दे पर 747 किमी क्षेत्र में आज चक्का जाम करेगी कांग्रेस

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने किसानों के साथ कथित अन्याय, शोषण और सरकारी उदासीनता के विरोध में आज 7 मई को प्रदेशव्यापी चक्का जाम आंदोलन की घोषणा की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान नहीं किया गया तो कांग्रेस “सड़क से लेकर जेल तक” आंदोलन तेज करेगी।

पटवारी ने राज्य सरकार पर किसानों से किए वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए कहा कि समर्थन मूल्य और वास्तविक खरीदी दर के बीच अंतर के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनके अनुसार, जहां सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2700 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया था, वहीं खरीदी 2625 रुपये प्रति क्विंटल पर की जा रही है, जो किसानों के साथ सीधा अन्याय है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुल उत्पादन की तुलना में खरीदी की मात्रा सीमित है, जिससे बड़ी मात्रा में गेहूं बिना बिके रह जाता है और किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता। पटवारी ने धान खरीदी, उर्वरक और कृषि उपकरणों से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार की विफलता का आरोप लगाया।

कांग्रेस और किसान संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में आज 7 मई को सुबह 11 बजे से मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-3) सहित विभिन्न स्थानों पर चक्का जाम किया जाएगा। यह आंदोलन प्रदेश के कई जिलों में व्यापक स्तर पर आयोजित होगा।

चक्का जाम के प्रमुख केंद्रों में मुरैना (मुरैना, भिंड), ग्वालियर (ग्वालियर, दतिया), शिवपुरी (शिवपुरी, श्योपुर), गुना (गुना, अशोकनगर), शाजापुर (शाजापुर, देवास, राजगढ़, आगर मालवा, उज्जैन, सीहोर, विदिशा, रायसेन, भोपाल), इंदौर और खलघाट (धार, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ) शामिल हैं।

आंदोलन में वरिष्ठ कांग्रेस नेता विभिन्न स्थानों पर मौजूद रहेंगे। इनमें कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य कमल नाथ पटेल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह, विधायक हेमंत कटारे, राज्यसभा सांसद अशोक सिंह, पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह, कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, सह-प्रभारी संजय दत्त और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।

यह आंदोलन प्रदेश में करीब 747 किलोमीटर क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, जिसमें पार्टी पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों, जिला अध्यक्षों, हजारों किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भागीदारी रहेगी।

पटवारी ने कहा कि यह आंदोलन “किसान सत्याग्रह” के रूप में शांतिपूर्ण ढंग से किया जाएगा और इसका उद्देश्य आम जनता को परेशान करना नहीं, बल्कि सरकार तक किसानों की पीड़ा पहुंचाना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार गेहूं और धान के लिए मूल्य अंतर की भरपाई योजना तत्काल लागू नहीं करती, तो कांग्रेस राज्यभर में और व्यापक आंदोलन छेड़ेगी।

उन्होंने मुख्यमंत्री से किसानों के हित में त्वरित निर्णय लेने की अपील करते हुए खरीदी में देरी से हुए नुकसान की भरपाई और मूल्य अंतर योजना लागू करने की मांग की। पटवारी ने कहा, “यदि सरकार किसानों के हित में निर्णय लेती है, तो मैं स्वयं मुख्यमंत्री का सम्मान करूंगा,” लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।

 

 

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