कोलकाता, (वार्ता) पश्चिम बंगाल में शुक्रवार को लगातार चौथे दिन राज्य के कई जिलों में सरकारी कार्यालयों में बम की धमकी वाले नए ईमेल भेजे गए, जिससे दहशत फैल गई और मौजूद लोगों को बाहर निकाला गया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए जांच और तलाश का काम किया गया लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। जांच का काम अब कोलकाता पुलिस की विशेष त्वरित बल (एसटीएफ) को सौंप दी गई है।
अधिकारियों ने कहा कि फर्जी ईमेल के पीछे जो लोग हैं, उनका पता लगाने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही लोगों से घबराने की अपील नहीं की गई है।
उन्होंने बताया कि ये ईमेल मुख्य रूप से कम से कम चार जिलों के पोस्ट ऑफिस और आस-पास के पासपोर्ट ऑफिस को भेजे गए थे , हालांकि पिछले तीन दिनों की तरह तलाशी के बाद किसी भी जगह से कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।
दिलचस्प यह भी है कि भेजे गए ईमेल में दावा किया गया था कि गुरुवार की धमकियां पुलिस और प्रशासन की सतर्कता को चेक करने के लिए सिर्फ एक ‘टेस्ट’थीं और चेतावनी दी गई थी कि आज असली धमाका होगा, लेकिन अभी तक कहीं भी कोई धमाका नहीं हुआ है। पहला धमकी भरा ईमेल शुक्रवार दोपहर हुगली हेड पोस्ट ऑफिस में मिला, जहाँ पासपोर्ट सेवा केंद्र है। इसके तुरंत बाद, वही ईमेल श्रीरामपुर सब-डिविजनल पोस्ट ऑफिस पहुँच गया। इसके बाद सेवाएं तुरंत रोक दी गईं और जगह खाली करा ली गई, जिससे आने-जाने वालों को परेशानी हुई। पुलिस और बम डिस्पोज़ल स्क्वॉड ने पूरी तलाशी ली।
उन्होंने बताया कि इसी तरह के ईमेल पश्चिम बर्दवान में आसनसोल मुख्य पोस्ट ऑफिस, बांकुरा हेड पोस्ट ऑफिस और हावड़ा हेड पोस्ट ऑफिस को भी भेजे गए। हावड़ा में, न्यू कलेक्ट्रेट बिल्डिंग में भी दहशत फैल गई, जहाँ जिला कलेक्टर और अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक विभागों के कार्यालय हैं। एहतियात के तौर पर सभी इमारतें खाली करा ली गईं।
हावड़ा में ईमेल में कहा गया था कि पासपोर्ट ऑफिस में दोपहर 12.10 बजे “साइनाइड गैस से भरा आडीएक्स बम” फटेगा और अधिकारियों को सुबह 11 बजे तक सभी को निकालने की चेतावनी दी गई। मैसेज फैलते ही कर्मचारी पोस्ट ऑफिस और पासपोर्ट ऑफिस से बाहर निकल गए। तय समय बीत जाने के बाद भी कोई धमाका नहीं हुआ। स्निफर डॉग्स की मदद से तलाशी ली गई, लेकिन कहीं कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।
