रीवा: सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, रीवा के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. एस. के. त्रिपाठी (कार्डियोलॉजिस्ट) ने हृदय चिकित्सा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है. उन्होंने एक ही सप्ताह में तीन अत्याधुनिक हृदय के जटिल प्रोसीजर सीआरटीडी, सीएसपी एवं एआईसीडी सफलतापूर्वक कीं.यह उपलब्धि मध्यप्रदेश के किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज के कार्डियक सेंटर में पहली बार प्राप्त की गई है.
इस सफलता से सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, रीवा ने राज्य में हृदय उपचार की उन्नत तकनीकों के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है. डॉ. एस. के. त्रिपाठी ने बताया कि इन जटिल प्रक्रियाओं को पहले केवल बड़े महानगरों में ही किया जा सकता था, क्योंकि ये अत्यधिक जटिल और महंगी होती थीं. लेकिन अब रीवा में भी ये अत्याधुनिक हृदय प्रत्यारोपण प्रक्रियाएँ आसानी से की जा सकती हैं. उन्होंने कहा कि ये प्रक्रियाएँ हृदय विफलता से पीडि़त मरीजों के लिए जीवनरक्षक हैं. डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि लगाए गए ये आधुनिक उपकरण इतने स्मार्ट हैं कि वे ब्रैडीकार्डिया (धीमी हृदय गति) और टैकीकार्डिया (तेज़ हृदय गति) दोनों प्रकार की समस्याओं को नियंत्रित करते हैं और मरीज को कार्डियक अरेस्ट से भी सुरक्षा प्रदान करते हैं. इस उपलब्धि के पीछे मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल का विशेष योगदान रहा है.
उनके मार्गदर्शन और सतत सहयोग से रीवा के कार्डियोलॉजी विभाग का उल्लेखनीय विकास हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप आज इस स्तर की जटिल हृदय प्रक्रियाएँ रीवा में संभव हो सकी हैं. इस अवसर पर डॉ. सुनील अग्रवाल, डीन, मेडिकल कॉलेज रीवा; डॉ. अक्षय श्रीवास्तव, अधीक्षक, सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल रीवा एवं कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. वी. डी. त्रिपाठी ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया और इसे रीवा के चिकित्सा इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताया. इस सफलता में जय नारायण मिश्रा, सत्यम, सुमन, मनीष, सुधांशु, सोनाली, विजय तथा नर्सिंग स्टाफ का योगदान रहा.
