भोपाल। जिले में उपार्जन केन्द्रों पर सोमवार को गेंहूं की खरीदी की गई जो किसानों के क58 स्लॉट बुक किए गए. 805 किसानों ने गेंहू का विक्रय उपार्जन केद्रों पर किया. जिनसे 12744 मीट्रिक टन गेंहूं की खरीदी की गई. सोमवार को 54 किसानों के भुगतान के साथ ही पूर्व के रुके हुए अन्य भुगताना के साथ 264 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया. विगत एक माह से उपार्जन कें द्रों पर गेंहू की खरीदी की जा रही है. जिससे किसानों की फसल का उचित मूल्य मिल सके. शुरूआत में छोटे किसानों की फसल को खरीदने की प्रक्रिया शुरू की गई थी. जिसमें एक एकड़ से लेकर पांच एकड़ तक उसके बाद पांच एकड़ से 20 एकड़ तक के किसानों की फसल को तुलाई केंद्रों पर खरीदी की जा रही है. जिसमें सरकार के अनुमान से एक एकड़ पर 16 क्विंटन गेंहू खरीदने का नियम बनाया गया था. वर्तमान में बड़े किसानों की फसल की खरीदी की जा रही है.जो प्रतिदिन लाखों क्विंटल के आसपास हो रही है.
जिन किसानों की फसल अधिक है उनसे भी होगी खरीदी
प्रशासन का नियम है कि एक एकड़ के किसान से 16 क्विंटल गंहू की खरीदी की जाएगी. उसका प्रमुख कारण है कि अधिकतर एक एकड़ पर 18 क्विंटल गेंहूं की पैदावर का अनुमान रहा है1 लेकिन वर्तमान में कुछ किसानों की फसल अनुमान से कहीं अधिक की पैदावार हुई है. एैसे में किसानों की परेशानी थी की शेष गेंंहू को कैसे बेचा जाए. प्रशासनिक अधिकारी ने कुछ नियमों में शिथिलता करने के संकेत दिए थे. जिससे किसानों की अनुमान से अधिक हुई पैदावार की आसानी से किसानों को लाभ मिल सके.
इनका कहना है
अनुमानित से अधिक गेंहूं की अगर पैदावार हुई है तो उसको उपार्जन केन्द्रों पर खरीदने के लिए रास्ता निकाला जाएगा.
सुमित कुमार पाण्डे, एडीएम भोपाल
