कोलकाता | पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी हार के बाद पार्टी के भीतर विद्रोह शुरू हो गया है। ममता सरकार में खेल राज्य मंत्री रहे पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने पार्टी छोड़ने का औपचारिक ऐलान कर दिया है। तिवारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए टीएमसी नेतृत्व पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि हावड़ा के शिबपुर निर्वाचन क्षेत्र से उन्हें टिकट देने के बदले 5 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। उनके अनुसार, पार्टी के कम से कम 70-72 उम्मीदवारों ने टिकट पाने के लिए भारी-भरकम रकम दी है, और पैसे देने से इनकार करने के कारण ही उनका पत्ता काटा गया।
मनोज तिवारी ने कहा कि टीएमसी की इस ऐतिहासिक हार से उन्हें बिल्कुल भी हैरानी नहीं हुई है। उन्होंने पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि जब पूरी व्यवस्था भ्रष्टाचार में लिप्त हो जाए और विकास कार्य ठप पड़ जाएं, तो जनता ऐसा ही जवाब देती है। तिवारी ने कोलकाता में हाल ही में हुए लियोनेल मेसी के कार्यक्रम के खराब प्रबंधन पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने बताया कि सॉल्ट लेक स्टेडियम में मची अफरा-तफरी और राजनेताओं के सुपरस्टार को घेरे रहने की वजह से वह इस कार्यक्रम से दूर रहे। उनके मुताबिक, प्रशासन ने आम लोगों को गुमराह किया, जिसके चलते मेसी को सुरक्षा कारणों से जल्द हटाना पड़ा।
मनोज तिवारी का इस्तीफा टीएमसी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि वह पार्टी का एक प्रमुख चेहरा थे। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 10,000 से अधिक रन बनाने वाले और भारत के लिए 12 वनडे खेलने वाले इस दिग्गज खिलाड़ी ने साफ कर दिया है कि अब उनके लिए टीएमसी का अध्याय पूरी तरह बंद हो चुका है। बंगाल में बीजेपी की 207 सीटों के साथ जीत और टीएमसी के 15 साल पुराने शासन के अंत के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मनोज तिवारी का अगला राजनीतिक कदम क्या होगा। फिलहाल, उनके आरोपों ने राज्य की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है।

