वॉशिंगटन | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में फंसे वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए शुरू किए गए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को फिलहाल कुछ समय के लिए रोकने की घोषणा की है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर जानकारी दी कि यह निर्णय पाकिस्तान और कुछ अन्य देशों के अनुरोध के बाद लिया गया है, जो अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। राष्ट्रपति ने दावा किया कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में मिली बढ़त और संभावित समझौते की दिशा में हुई प्रगति को देखते हुए यह रोक लगाई गई है ताकि शांति वार्ता को फाइनल रूप दिया जा सके।
भले ही ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के तहत जहाजों को निकालने के सैन्य ऑपरेशन को टाला गया है, लेकिन ट्रंप ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी (Blockade) पूरी तरह से प्रभावी रहेगी। ट्रंप प्रशासन ने रविवार को ही इस पहल की शुरुआत की थी ताकि खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच फंसे दुनिया भर के मर्चेंट जहाजों की मदद की जा सके। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इस ऑपरेशन के लिए गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर, 100 से अधिक विमान और 15,000 सैनिकों की तैनाती की गई है, जो फिलहाल समझौते की संभावनाओं को देखते हुए स्टैंडबाय मोड पर रहेंगे।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत रणनीतिक मार्ग है। अमेरिकी सेना मल्टी-डोमेन अनमैन्ड प्लेटफॉर्म और भारी सैन्य साजो-सामान के जरिए इस इंटरनेशनल ट्रेड कॉरिडोर को सुरक्षित करने की कोशिश कर रही है। ट्रंप ने कहा कि कई देशों ने अपने जहाजों को निकालने के लिए अमेरिका से मदद मांगी है, लेकिन अब प्राथमिकता तेहरान के साथ एक पूर्ण और अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर करने की है। अगले कुछ दिन यह तय करेंगे कि पाकिस्तान की मध्यस्थता रंग लाती है या अमेरिका अपनी सैन्य ताकत के जरिए इस कॉरिडोर पर दोबारा पूर्ण नियंत्रण और ऑपरेशन शुरू करेगा।

