
सिंगरौली। भाजपा की नवगठित जिला कार्यकारिणी की घोषणा के 24 घंटे के भीतर ही संगठन में असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। वरिष्ठ ब्राह्मण नेता राजेश तिवारी ‘रज्जू’ ने जिला उपाध्यक्ष पद से त्यागपत्र देकर पार्टी को बड़ा झटका दिया है। सूत्रों का कहना है कि एक महिला जिला मंत्री भी जल्द इस्तीफा दे सकती हैं।
नई कार्यकारिणी सूची में देवसर विधानसभा से किसी भी ब्राह्मण, साहू और दलित समाज के कार्यकर्ताओं को स्थान नहीं मिला, जबकि इन वर्गों का क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रभाव है। यही नहीं, चितरंगी विधानसभा से भी किसी आदिवासी पुरुष को जगह न मिलने से सूची पर सवाल उठ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जातीय समीकरण साधने में संगठन पिछड़ गया है और कुछ वर्गों को जानबूझकर हाशिए पर किया गया है।
राजेश तिवारी ने अपने पत्र में निजी कारणों और समयाभाव का हवाला दिया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे ब्राह्मण नेताओं की उपेक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। तिवारी पहले भी जिला महामंत्री रह चुके हैं और तीन बार उपाध्यक्ष पद संभाल चुके हैं। वे जिलाध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार माने जाते थे। अब सवाल उठ रहा है कि भाजपा संगठन में जातीय असंतुलन और भीतरखाने की नाराज़गी आगे किस रूप में सामने आएगी।
