इंदौर: शहर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और उपलब्धता की समस्या के कारण होटल, रेस्टोरेंट और सड़क किनारे ठेले लगाने वाले व्यापारी घरेलू गैस सिलेंडर का इस्तेमाल कर रहे हैं. यह पूरी तरह गैरकानूनी है और कानून के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आती है.
शहर के कई इलाकों में चौपाटी से लेकर बड़े रेस्टोरेंट तक घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग खुलेआम देखा जा सकता है. आरोप है कि यह सब खाद्य विभाग की निगरानी के बावजूद हो रहा है. विभाग द्वारा कुछ चुनिंदा स्थानों पर कार्रवाई की जाती है, लेकिन अधिकांश जगहों पर स्थिति जस की तस बनी हुई है. इस मामले में खाद्य अधिकारी एम. एल. मारू का जवाब स्पष्ट और ठोस कार्रवाई की बजाय औपचारिक प्रतिक्रिया लगा. एम.एल. मारू का कहना है कि विभाग पिछले 6 महीनों से लगातार कार्रवाई कर रहे है और जहां भी घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग पाया जाएगा, वहां सख्त कदम उठाए जाएंगे.
आपूर्ति न होना कर रहा मजबूर
व्यापारियों का कहना है कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की लगातार बढ़ती कीमतें और समय पर आपूर्ति न मिलना उन्हें मजबूर कर रहा है. पिछले 74 दिनों में यह तीसरी बार है जब कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़े हैं. 1 मई 2026 से लागू नई दरों में औसतन 993 रुपए की बढ़ोतरी हुई है. पिछले दो महीनों में कुल बढ़ोतरी लगभग 1248 रुपए तक पहुंच गई है. कई शहरों में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 3000 रुपए के पार चली गई है. बढ़ती कीमतें और आपूर्ति की समस्याएं छोटे व्यापारियों के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है.
