
भोपाल: पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने मध्यप्रदेश में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि यह चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मिलीभगत से रचा गया षड्यंत्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य दलित, आदिवासी, मजदूर और अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाना है।
वर्मा ने कहा कि बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) पर बिना पर्याप्त तैयारी और आवश्यक फॉर्म उपलब्ध कराए दबाव बनाया जा रहा है, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न खड़ा होता है। उन्होंने कहा, “हम इस पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं और मजबूती से खड़े हैं। कांग्रेस चुनाव आयोग को नोटिस देगी कि बिना पर्याप्त तैयारी के SIR प्रक्रिया क्यों शुरू की गई।”
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने इसे भाजपा और चुनाव आयोग का “सुनियोजित प्रोपेगेंडा” बताया और कहा कि पिछले चुनावों में भी गरीब, मजदूर और अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं के नाम जानबूझकर हटाए गए थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस षड्यंत्र को उजागर करेगी और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
