
नीमच | अंतर्गत रामपुर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बैसला में लंबे समय से चल रहा एक तथाकथित “अस्पताल” आखिरकार प्रशासन की पकड़ में आ गया—और जो सामने आया, उसने हैरान कर दिया।जिला कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को मौके पर दबिश दी और फर्जी क्लीनिक को सील कर दिया।जांच में सामने आया कि आरोपी बिना किसी वैध डिग्री और अनुमति के “मस्से के इलाज” के नाम पर लोगों से मोटी रकम वसूल रहा था। ग्रामीणों के मुताबिक, वह खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल कर ऑपरेशन जैसा उपचार करता था, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही थी।
इतना ही नहीं—इलाज के बाद निकलने वाला मेडिकल कचरा भी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए खुले में और जंगलों में फेंका जा रहा था। इससे आसपास के पर्यावरण और पशुओं पर भी खतरा मंडरा रहा था।चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई कि इस फर्जी अस्पताल पर पहले भी कार्रवाई हो चुकी थी, लेकिन आरोपी कथित तौर पर प्रभाव और पैसों के दम पर फिर से अपना अवैध धंधा शुरू कर देता था। क्षेत्र में चर्चा है कि इसी धंधे से उसने भारी संपत्ति भी खड़ी कर ली है।शिकायत मिलते ही कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और क्लीनिक को सील कर दिया।अब प्रशासन आरोपी की शैक्षणिक योग्यता, लाइसेंस और संपत्ति की जांच में जुट गया है। अधिकारियों ने साफ किया है कि स्वास्थ्य के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
