
नर्मदापुरम। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की पावन बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रवार को हजारों श्रद्धालुओं ने नर्मदा नदी में श्रद्धा की डुबकी लगाई। प्रातःकाल 5 बजे से ही सेठानी घाट, कोरी घाट,विवेकानंद घाट, पर्यटन घाट, गोंदरी घाट और बांद्राभान जैसे प्रमुख घाटों पर स्नान का क्रम आरंभ हो गया। स्नान कर दान-पुण्य और भगवान सत्य नारायण की कथा का आयोजन दोपहर तक चला.
स्नान, पूजन और कथा का आयोजन
पवित्र स्नान के साथ ही श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा सत्यनारायण कथा का आयोजन किया। वातावरण भक्ति और श्रद्धा से सराबोर रहा। दोपहर में विभिन्न स्थानों पर भंडारों का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे। यह दिन गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण से जुड़ा है. मान्यता है कि बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचे उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई थी. इसलिए इस दिन स्नान, दान और धर्म प्रचार का विशेष महत्व माना जाता है.बुद्ध पूर्णिमा, जिसे वैशाख पूर्णिमा भी कहा जाता है, पर किए गए पुण्य कर्म, दान और सेवा को अत्यंत फलदायी माना जाता है. यह पर्व मानवता, करुणा और अहिंसा का संदेश देता है, जो आज भी समाज को नई दिशा प्रदान करता है. इसके साथ ही दरिद्र नारायण को दान-पुण्य भी किया गया.
