तेहरान, 01 मई (वार्ता) ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर कालीबाफ ने अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी काे भौगोलिक रूप से अंसभव बताते हुए इसे चुनौती किया। उन्होंने कहा कि ईरान की सीमाओं का विशाल आकार किसी भी देश के लिए उसे पूरी तरह बंद करना असंभव है। श्री कालीबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में ईरान के भूगोल की तुलना करते हुए सुझाव दिया कि यदि अमेरिका में दो लंबी दीवारें बनाई जाएं, एक न्यूयॉर्क शहर से पश्चिमी तट तक और दूसरी लॉस एंजिल्स से पूर्वी तट तक, तो भी उनकी कुल लंबाई ईरान की सीमाओं के बराबर नहीं होगी।
उन्होंने लिखा, “यदि आप न्यूयॉर्क से पश्चिमी तट तक और लॉस एंजिल्स से पूर्वी तट तक दो दीवारें बनाते हैं, तो उनकी कुल लंबाई 7,755 किलोमीटर होगी, जो ईरान की कुल सीमाओं से लगभग 1,000 किलोमीटर कम है। इतनी बड़ी सीमाओं वाले देश की घेराबंदी करने के लिए आपको शुभकामनाएँ।”
श्री कालीबाफ ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के लिए एक विशेष नोट भी लिखा, जिसमें उन्होंने दूरी मापने की इकाई समझाते हुए कहा, “पी.एस. पीट हेगसेथ के लिए- 1 किलोमीटर = 0.62 मील।” ईरान की धरती और समुद्री सीमाएँ 8,700 किलोमीटर से अधिक लंबी हैं। इसमें फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी और कैस्पियन सागर के किनारे लगे समुद्र तट शामिल हैं, जो इसे इस क्षेत्र की सबसे जटिल सीमाओं में से एक बनाते हैं।
श्री कालीबाफ की यह टिप्पणी तब आई है जब अमेरिका ने 28 फरवरी को ईरान के साथ हुए युद्ध के बाद ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक घेराबंदी की थी । ईरान ने बार-बार इस कदम को अवैध बताते हुए इसकी निंदा की है और इसे पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुए नाजुक संघर्ष विराम का उल्लंघन बताया है।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने भी गुरुवार को चेतावनी दी कि यह घेराबंदी युद्ध को ही आगे बढ़ाने जैसा है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

