
बैतूल। विकास खंड बैतूल अंतर्गत ग्राम झगड़िया में महिला एवं बाल विकास विभाग की त्वरित कार्रवाई से दो बाल विवाह सफलतापूर्वक रोक दिए गए।
जिला कार्यक्रम अधिकारी गौतम अधिकारी के निर्देश पर परियोजना अधिकारी निर्मल सिंह ठाकुर, सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती अर्चना तिवारी और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती रामकली काकोडिया मौके पर पहुंचीं। टीम ने जिला पंचायत उपाध्यक्ष हंसराज धुर्वे के सहयोग से तत्काल कार्रवाई करते हुए विवाह स्थल पर पहुंचकर बाल विवाह रुकवाया।
ग्राम झगड़िया निवासी हरिराम कुमरे अपनी नाबालिग बेटी (जन्म तिथि: 06 जून 2009) का आज विवाह करने जा रहे थे। टीम ने मौके पर पहुंचकर पिता को बाल विवाह कानून के प्रावधानों और इसके दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से समझाया। समझाइश के बाद परिवार ने विवाह स्थगित कर दिया।
इसी गांव के दूसरे निवासी दीनू धुर्वे भी अपनी 17 वर्षीय बेटी का विवाह 4 मई 2026 को करने वाले थे। टीम ने उन्हें भी बाल विवाह को कानूनी अपराध बताते हुए तथा बालिका के भविष्य कोn ध्यान में रखते हुए समझाइश दी। परिवार ने पूर्ण सहमति जताते हुए कहा कि वे बेटी के 18 वर्ष पूर्णn होने के बाद ही विवाह करेंगे।
इस दौरान ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम कोटवार, समाजसेवी तुलसी राम धुर्वे तथा अन्य स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे।
महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने स्पष्ट संदेश दिया कि बाल विवाह न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और समग्र विकास के लिए अत्यंत हानिकारक है। विभाग का प्रयास है कि जिले में किसी भी बाल विवाह को बर्दाश्त न किया जाए।
टीम की त्वरित कार्रवाई की सराहना
जिला पंचायत उपाध्यक्ष हंसराज धुर्वे तथा स्थानीय समाजसेवियों ने महिला एवं बाल विकास टीम की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की सराहना की।
विभाग ने अपील की है कि यदि किसी भी गांव में बाल विवाह की कोई सूचना हो तो तुरंत जिला कार्यक्रम अधिकारी या संबंधित आंगनवाड़ी केंद्र/परियोजना अधिकारी को सूचित करें।
