जयपुर, 26 अगस्त (वार्ता) राजस्थान के मुख्यमंत्री के भजनलाल शर्मा ने समावेशी विकास राज्य सरकार का विजन बताते हुए कहा है कि जन आकांक्षाएं इसका केन्द्र बिन्दु है और हमारी सरकार सबका साथ-सबका विकास में विश्वास रखती है जबकि पिछली कांग्रेस सरकार कमीशन के लिए काम करती थी।
श्री शर्मा सांसद-विधायक संवाद कार्यक्रम के दूसरे दिन मंगलवार को नागौर, जोधपुर, बाड़मेर, जालोर-सिरोही, पाली, बीकानेर, श्रीगंगानगर, झुंझुंनू, सीकर, चूरू, जयपुर शहर, जयपुर ग्रामीण, अलवर, अजमेर और दौसा संसदीय क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों और भाजपा जिला अध्यक्षों के साथ प्रदेश के विकास पर संवाद किया और इस दौरान यह बात कही।
उन्होंने विकसित राजस्थान 2047 की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए कहा कि जन आकांक्षाएं राज्य सरकार के विजन का केन्द्र बिन्दु है। प्रदेश के समावेशी एवं सर्वांगीण विकास के विजन के साथ हमारी सरकार ने बजट में सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों के लिए बिना किसी भेदभाव के बजट का प्रावधान किया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि गत कांग्रेस सरकार में भ्रष्टाचार और कुशासन का बोलबाला रहा और पेपरलीक कर युवाओं के सपनों को रौंदने का काम किया वहीं हमारी सरकार के डेढ़ साल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ और वह सुशासन के उच्चतम मापदंडों के अनुरूप कार्य कर रही है।
श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने एमएलए लोकल एरिया डवलपमेंट एवं डांग, मगरा, मेवात क्षेत्रीय कार्यक्रम के तहत 20 प्रतिशत तक की राशि स्कूलों की मरम्मत का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के सभी विद्यालयों में आवश्यक मरम्मत के कार्य के लिए विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने गरीबी मुक्त राजस्थान का संकल्प लिया है। इसी दिशा में हमने पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना के माध्यम से 10 हजार से अधिक गांवों में गरीब परिवारों को बीपीएल मुक्त करने का कार्य किया जा रहा है।
इसी तरह निजी क्षेत्र में रोजगार पाने वाले युवाओं को केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा वित्तीय सहयोग के माध्यम से प्रोत्साहन देने की पहल की गई है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि आमजन से निरंतर संवाद स्थापित करें और इन जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाते हुए विकसित राजस्थान की इस यात्रा में अपना योगदान दें।
