जबलपुर: जिले की जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत ग्राम पंचायत टिकुरी और दर्शनी में पंचायत निधि के दुरुपयोग का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए एक सरपंच को पद से हटा दिया है तो वहीं दूसरे सरपंच पर केस दर्ज हो गया है। जांच में यह पाया गया कि पंचायत के खाते से सरपंच के करीबी रिश्तेदारों के खातों में नियमों के विरुद्ध राशि अंतरित की गई। अधिनियम के अनुसार यदि कोई सरपंच या पंचायत पदाधिकारी अपने पद का उपयोग कर अपने रिश्तेदारों को आर्थिक लाभ पहुंचाता है, तो यह दुराचार की श्रेणी में आता है। इसमें पट्टा देना, कार्य आवंटित करना या किसी भी प्रकार से आर्थिक फायदा पहुंचाना शामिल है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पंचायत खाते से राशि आहरण के लिए सरपंच और सचिव दोनों के हस्ताक्षर अनिवार्य होते हैं। ऐसे में इस प्रकार की अनियमितता में दोनों की समान जिम्मेदारी तय की जाएगी।मामले की पुष्टि होने पर ग्राम पंचायत टिकुरी के सरपंच को म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत पद से पृथक कर दिया गया है। प्रशासन ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए तत्काल प्रभाव से यह कार्रवाई की।
दर्शनी सरपंच के खिलाफ प्रकरण दर्ज
इसी प्रकार ग्राम पंचायत दर्शनी के सरपंच के विरुद्ध भी अधिनियम की धारा 40 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। वर्तमान में यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है और संबंधित प्रक्रिया जारी है।
सभी सरपंच और सचिव को अल्टीमेटम
जिला पंचायत जबलपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक गेहलोत ने जिले के सभी सरपंचों और पंचायत सचिवों को कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि इस प्रकार के मामले सामने आते हैं, तो संबंधितों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी और इसकी जिम्मेदारी स्वयं संबंधित अधिकारियों की होगी।
