
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त कर्मियों के पक्ष में राहतकारी आदेश दिया है। जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने मामले में आवेदकों की पेंशन भुगतान करने के निर्देश देते हुए कहा है कि यदि आगामी तीन सप्ताह में जवाब पेश नहीं किया गया तो उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को तलब किया जायेगा। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 11 मई वाले सप्ताह में निर्धारित की है।
हाईकोर्ट में यह मामले रादुविवि के सेवानिवृत्त कर्मी एलएल रैकवार, जीपी कोरी, मुकेश चंद, सविता मिश्रा, आरडी पटेल, दुर्गा पदमांगे, अजय कुमार झारिया, कलावती दुबे व केशव प्रसाद की ओर से दायर किये गये थे। जिनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अर्पण पवार ने पक्ष रखा। जिनमें कहा गया कि पिछले दो वर्षो से उन्हें पेंशन से वंचित रखा गया है, जिस पर हाईकोर्ट की शरण ली गई है। मामले की सुनवाई दौरान सरकार की ओर से कहा गया कि उक्त मामले में उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त को उन्होंने पत्राचार कर जवाब के लिये लिखा था, लेकिन अब तक कोई दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुए। जिस पर न्यायालय ने अंतिम अवसर देते हुए उक्त निर्देश दिये।
