सिंधुदुर्ग अदालत ने मंत्री नितेश राणे को कीचड़ उछालने के मामले में एक महीने की कैद और एक लाख रुपये का जुर्माने की सजा सुनायी

कोल्हापुर, सिंधुदुर्ग, (वार्ता) सिंधुदुर्ग जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश वी एस देशमुख ने आज महाराष्ट्र और सिंधुदुर्ग जिले के पालक मंत्री नितेश राणे को 4 अप्रैल, 2019 को कंकावली में इंजीनियर प्रकाश शेडेकर पर कीचड़ फेंकने के मामले में एक महीने की कैद और 1 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनायी।

अदालत ने 29 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया।

वकील संग्राम देसाई ने बताया कि बॉम्बे उच्च न्यायालय में अपील की सुनवाई होने तक सजा पर रोक लगा दी गई है।

श्री राणे, जो उस समय कंकावली विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे, ने मुंबई-गोवा राजमार्ग पर चार लेन के निर्माण कार्य का निरीक्षण करने के लिए शेडेकर को बुलाया था। कंकावली स्थित गडनाडी पुल पर पहुँचने पर, शेडेकर से राणे, स्वाभिमान पार्टी के महापौर समीर नलवाडे और कार्यकर्ताओं ने राजमार्ग पर कीचड़ और गड्ढों के बारे में पूछताछ की।

इसके बाद, उन्हें पुल से बाँध दिया गया और उन पर बाल्टियों में कीचड़ उंडेला गया। उनसे कहा गया कि उन्हें सड़क पर आम लोगों को होने वाली परेशानियों का अनुभव करना चाहिए।

इस मामले में उनके द्वारा पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर, राणे सहित 30 व्यक्तियों के खिलाफ कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। मुकदमा सिंधुदुर्ग की जिला अदालत में चला।

सत्र न्यायाधीश वी एस देशमुख ने मंत्री को भारतीय दंड संहिता की धारा 504 के तहत सार्वजनिक शांति भंग करने और इंजीनियर शेडेकर पर कीचड़ फेंकने के लिए दूसरों को उकसाने का दोषी पाया।

 

 

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