ब्यावरा सिविल अस्पताल में 10 साल बाद अस्थि रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति, सुठालिया-खुजनेर को भी मिले डॉक्टर

ब्यावरा। लम्बे इंतजार के बाद राजगढ़ जिले को अहम बिमारियों के विशेषज्ञ चिकित्सक मिले है. जिले में पांच चिकित्सकों ने विभिन्न शासकीय अस्पाताल में कार्यभार संभाल लिया है.

गौरतलब है कि जिले को अस्थि रोग विशेषज्ञ, दांत, नाक-कान और गले के विशेषज्ञ चिकित्सक मिले है. जिला चिकित्सालय के स्थापना विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में पांच विशेषज्ञ चिकित्सकों ने कार्यभार संभाल लिया है. इनमें सारंगपुर सिविल अस्पताल में दांत एवं नाक-कान और गले की बिमारियों से संबंधित 2 चिकित्सक ने कार्यभार संभाल लिया है. वहीं सुठालिया में 1 दांत के डॉक्टर, खुजनेर में भी एक दांत के डॉक्टर ने कार्यभार संभाल लिया है. जबकि ब्यावरा सिविल अस्पताल में अस्थि रोग विशेषज्ञ ने कार्यभार संभाल लिया है.

विशेषज्ञों के आने से मिलेगी काफी सुविधा

लम्बे समय से जिले में चिकित्सकों की कमी का सामना करना पड़ रहा है. मरीजों एवं उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. जिले में पांच विशेषज्ञ चिकित्सकों के आने से निश्चित रुप से मरीजों एवं परिजनों को काफी सुविधा होकर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा.

मरीजों को होगी सुविधा

जिला चिकित्सालय सहित सिविल अस्पातालों में लम्बे समय से विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी बनी हुई है. ब्यावरा में दस वर्षो से अस्थि रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त होने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. अब यहां अस्थि रोग विशेषज्ञ के आने से मरीजों को काफी सुविधा होगी. इसी प्रकार सुठालिया, खुजनेर, सारंगपुर में भी प्रमुख बिमारियों के चिकित्सकों ने कार्यभार संभाल लिया है. इनके आने से मरीजों को बेहतर और सुविधाजनक रुप से उपचार मिल सकेगा.

ब्यावरा में एक ही डॉक्टर ने कार्यभार संभाला

ब्यावरा सिविल अस्पताल को चार डॉक्टर मिले है. फिलहाल अस्थि रोग विशेषज्ञ ने ही कार्यभार संभाला है. जानकारी के अनुसार सिविल अस्पताल को 1 अस्थि रोग विशेषज्ञ, 1 ईएनटी, 1 पैथोलॉजिस्ट, 1 रेडियो डॉयग्नोसीस मिले है. अभी अस्थि रोग विशेषज्ञ ने ही कार्यभार संभाला है.

नरसिंहगढ़ में नहीं किया 3 डॉक्टरों ने ज्वाईन

शासन द्वारा नरसिंहगढ़ स्थित सिविल अस्पाताल में तीन विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों को भेजा गया था किंतु आज दिनांक तक इनके द्वारा ज्वाईन नहीं किया गया. अस्पाताल प्रबंधन के अनुसार सिविल अस्पाताल नरसिंहगढ़ में तीन डॉक्टर आये है. लेकिन अभी इनके द्वारा ज्वाईन नहीं किया गया है.

उल्लेखनीय है कि नरसिंहगढ़ सिविल अस्पाताल में भी लम्बे समय से चिकित्सक सहित अन्य स्टॉफ की काफी कमी है. जिसके कारण आमजन को स्वास्थ्य सुविधा का समुचित लाभ नहीं मिल पाता है. कई बिमारियों के विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने से मरीज एवं उनके परिजनों को प्रायवेट या फिर बाहर जाकर उपचार कराने के लिए मजबूर होना पड़ता है.

 

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