
सीधी। गर्मी की विभीषिका के रौद्र रूप धारण करने से तापमान में वृद्धि परिलक्षित हुई है। आसमान से आग बरसने लगी है। लग्नसरा में भी गर्मी का असर दिख रहा है। लिहाजा शादी समारोहों की रौनक भी प्रभावित है।
गौरतलब है कि अप्रैल महीनें में हुई तापमान में वृद्धि होने के कारण आसमान से आग बरसने लगी है। भीषण गर्मी का असर वैवाहित सीजन पर साफ देखने को मिल रहा है। सीधी जिले में तापमान 42-43 सेटीग्रेड के बीच पहुंचने से जनजीवन के साथ शादी समारोहों की रौनक पर भी असर पड़ रहा है। व्यापारिक गतिविधियों पर नजर डाली जाय तो शादियों की खरीददारी पर भी असर पड़ रहा है। क्यों कि लोग तेज गर्मी और लू के प्रकोप के बीच दोपहर में बाजार जाने से बच रहे हैं। ऐसे में बाजार में दोपहर के सजय सन्नाटा पसरा नजर आता है। शादी विवाह के कार्यक्रमों में भीषण गर्मी को देखते हुये खान-पान में प्राथमिकता से बदलाव किया जा रहा है। मेनू में भारी व्यंजनों की जगह ठंडे पेय पदार्थ, लस्सी और सलाद जैसे हल्के व्यंजनों को प्राथमिकता दी जा रहा है। मेहमानों और आयोजकों को गर्मी से बचने के लिये कूलर, टेंट की विशेष व्यवस्था और पानी तथा जूस पर ध्यान देना पड़ रहा है। दोपहर में भीषण गर्मी के प्रकोप का असर सबसे ज्यादा फुटपाथी कारोबारियों पर है। अधिकांश फुटपाथी कारोबारी अब शाम 5 बजे से लेकर रात 10-11 बजे तक दुकानें सजा रहे हैं। उनके द्वारा विशेष तौर पर यह ध्यान रखा जा रहा है कि इसी अवधि में लोग खरीददारी के लिये घर से निकलते हैं।
सूनी सडक़ें और जनजीवन पर असर
दोपहर के समय सूरज की तपिश और लू के थपेड़ों के कारण लोग घरों में ही रहने को मजबूर हैं। शहर के प्रमुख चौराहे जैसे बस स्टैण्ड, कलेक्ट्रेट चौराहा, पूजा पार्क और मुख्य बाजार जो आम तौर पर व्यस्त रहते हैं वहाँ आवाजाही काफी कम हो गई है। गर्मी का सबसे ज्यादा असर दिहाड़ी मजदूरों, राहगीरों और वाहन चालकों पर पड़ रहा है।
गर्मी से बचाव के लिये सावधानियां
भीषण गर्मी और हीटस्ट्रोक (लू लगना) से बचने के लिए विशेषज्ञ द्वारा कई सुझाव दिये गये हैं। हाइड्रेशन- समय-समय पर पानी, नींबू पानी, छाछ या सत्तू जैसे तरल पदार्थों का सेवन करते रहें। सुरक्षा- बाहर निकलते समय सिर को गमछे, टोपी या छाते से ढकें और हल्के सूती कपड़े पहनें। समय का ध्यान- दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच जब धूप सबसे तेज होती है बाहर निकलने से बचें।
