स्लॉट के लिए जाग रहे किसान, सिस्टम बना परेशानी का कारण

खंडवा। समर्थन मूल्य पर फसल बेचने के लिए बनाई गई ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग व्यवस्था जिले के किसानों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। सुविधा के नाम पर शुरू की गई यह प्रक्रिया अब किसानों के लिए मानसिक और शारीरिक परेशानी का कारण बन गई है। हालात ऐसे हैं कि किसान दिनभर खेतों में मेहनत करने के बाद रात में मोबाइल लेकर स्लॉट बुक करने के प्रयास में जागने को मजबूर हैं।

किसान अनिल पटेल अत्तर सहित कई किसानों का कहना है कि एक स्लॉट बुक करने के लिए उन्हें दो से तीन मोबाइल फोन का सहारा लेना पड़ रहा है। देर रात तक प्रयास करने के बावजूद पोर्टल या तो खुलता नहीं या फिर अंतिम चरण में जाकर फेल हो जाता है। कई बार ओटीपी आने के बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती, जिससे किसानों की निराशा और बढ़ रही है।

विडंबना यह है कि बार-बार की कोशिशों के कारण किसान अपना पंजीयन कोड याद कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सिस्टम उनका साथ नहीं दे रहा। किसानों का कहना है कि वेयरहाउस तक पहुंचना जितना आसान है, उससे कहीं अधिक कठिन ऑनलाइन स्लॉट प्राप्त करना हो गया है। तकनीक से राहत मिलने के बजाय उन्हें अतिरिक्त दबाव और अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।

यह स्थिति व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। एक ओर डिजिटल प्रणाली के माध्यम से पारदर्शिता और सुविधा का दावा किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत में किसान परेशान हो रहे हैं। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया को सरल, सुगम और भरोसेमंद बनाया जाए, ताकि उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए इस तरह की परेशानियों से न गुजरना पड़े।

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