
भोपाल। व्हाट्सएप ग्रुप और बारकोड के जरिए अब आम नागरिक सीधे पुलिस से जुड़ेंगे, जिससे इलाके की हर गतिविधि पर त्वरित नजर रखी जा सकेगी। इसी कड़ी में राजधानी की पुलिसिंग को और चुस्त बनाने के लिए माइक्रो बीट सिस्टम लागू कर सिपाही स्तर तक जवाबदेही तय कर दी गई है।
नई व्यवस्था के तहत शहर के थाना क्षेत्रों को छोटे-छोटे माइक्रो बीट में विभाजित किया गया है, जहां बीट प्रभारी और स्टाफ को अपने क्षेत्र की पूरी जानकारी अपडेट रखनी होगी। हर पुलिसकर्मी को साप्ताहिक डायरी तैयार कर सोमवार को प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है, जिसमें संदिग्ध व्यक्तियों, वारंटियों और असामाजिक तत्वों पर निगरानी का विवरण शामिल रहेगा।
थाना प्रभारी इन रिपोर्ट्स की समीक्षा कर उन्हें एसीपी तक भेजेंगे। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने स्पष्ट किया है कि बेहतर कार्य पर प्रोत्साहन और लापरवाही पर कार्रवाई तय है।
इस पहल में गुप्त सूचना तंत्र को सक्रिय करने, नगर रक्षा समिति के विस्तार, संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी निगरानी, अपराधियों की गतिविधियों पर नजर, किराएदार सत्यापन, बैंक चेकिंग और अवैध हथियार व मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई जैसे पहलुओं को भी प्राथमिकता दी गई है।
पुलिस का मानना है कि नागरिकों की भागीदारी और तकनीक के इस्तेमाल से बीट स्तर पर निगरानी मजबूत होगी और अपराध नियंत्रण में बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
