नयी दिल्ली, 26 जनवरी (वार्ता) देश के 77वें गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय राजधानी में कर्तव्य पथ पर झांकियों की श्रृंखला में छत्तीसगढ़ की “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्” थीम पर आधारित झांकी ने अपार जनसमूह को आकर्षित किया।
छत्तीसगढ़ की इस झांकी में जनजातीय वीर नायकों को समर्पित देश के पहले डिजिटल संग्रहालय की गौरवगाथा को भव्य रूप में प्रस्तुत किया गया था।
कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ ही आज के गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद यूरोपीय संघ नेता उर्सुला वान डेर लेएन और एंटोनिया कोस्टा का छत्तीसगढ़ की इस झांकी ने विशेष ध्यान खींचा। वहीं केंद्रीय मंत्रियों अश्विनी वैष्णव और पीयूष गोयल तथा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इसके प्रदर्शन से प्रफुल्लित नजर आए।
झांकी के माध्यम से उन अमर जनजातीय नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी थी , जिन्होंने ब्रिटिश शासन के अन्यायपूर्ण कानूनों के विरुद्ध संघर्ष किया और स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी.
झांकी के अग्र भाग में वर्ष 1910 के ऐतिहासिक भूमकाल विद्रोह के नायक वीर गुंडाधुर को दर्शाया गया था। भूमकाल विद्रोह के प्रतीक आम की टहनियां और सूखी मिर्च झांकी में विशेष रूप से प्रदर्शित की गयी थी।
झांकी के पृष्ठ भाग में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को घोड़े पर सवार और हाथ में तलवार लिए दर्शाया गया था। पूरी झांकी जनजातीय समाज के अदम्य साहस, देशभक्ति और स्वतंत्रता के प्रति अटूट संकल्प को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त करती नजर आयी।
