कमजोर नतीजों पर शिक्षा विभाग सख्त, 30% से कम परिणाम वाले स्कूलों से मांगी रिपोर्ट

बैतूल। माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम जारी होते ही शिक्षा विभाग ने खराब प्रदर्शन करने वाले स्कूलों पर निगरानी कड़ी कर दी है। लोक शिक्षण संचालनालय ने 0 से 30 प्रतिशत परिणाम वाले विद्यालयों का विस्तृत ब्योरा तलब करते हुए सभी जिलों को 10 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

जिले के परीक्षा परिणामों पर नजर डालें तो कक्षा 10वीं का कुल परिणाम 79.71 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल के 80.84 प्रतिशत से 1.13 प्रतिशत कम है। वहीं 12वीं का परिणाम 74.01 प्रतिशत दर्ज हुआ, जिसमें पिछले वर्ष के 69.55 प्रतिशत की तुलना में 4.46 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। जिले में वर्तमान में 151 शासकीय हाईस्कूल और 138 हायर सेकेंडरी स्कूल संचालित हैं।

कमजोर प्रदर्शन की बात करें तो 12वीं में तीन स्कूलों का परिणाम 30 प्रतिशत से नीचे रहा। इनमें मॉडल स्कूल भीमपुर (8.33%), शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल कावला (15.63%) और कन्या उच्चतर माध्यमिक स्कूल भीमपुर (21.88%) शामिल हैं। इसी तरह 10वीं में भी कावला (15.63%), ढोढरामऊ (27.49%) और कन्या शाला भीमपुर (29.03%) का प्रदर्शन चिंताजनक रहा।

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, इन स्कूलों के खराब नतीजों के पीछे कारणों की गहराई से जांच की जाएगी और जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक स्तर पर यह भी सामने आया है कि शिक्षकों की ड्यूटी अन्य प्रशासनिक कार्यों में लगाए जाने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जिस पर विभाग विचार कर रहा है।

इसके अलावा आदिवासी क्षेत्रों, खासकर भीमपुर ब्लॉक में स्कूल छोड़ने वाले छात्रों की बढ़ती संख्या भी एक बड़ी चुनौती बनकर उभर रही है। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

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