इंदौर: क्राइम ब्रांच की टीम ने एफएमसीजी व्यापार में निवेश के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपी ने अधिक मुनाफे का झांसा देकर तीन निवेशकों से करीब 27 लाख रुपए ऐंठ लिए और रकम व्यापार में लगाने के बजाय निजी खर्चों में उड़ा दी.पुलिस के मुताबिक, आरोपी सत्यविंद चावला ने फरियादी हरसिमरन सिंह अरोरा, जयंत रिजवानी और रासिका प्रधान को शीतल पेय व एफएमसीजी व्यापार में मोटा लाभ दिलाने का लालच दिया. इसके लिए फ्रेश लिंक इंटरप्राइजेस के नाम से फर्म बनाकर साझेदारी में निवेश करवाया.
जांच में सामने आया कि आरोपी कोल्ड ड्रिंक कारोबार में माहिर था और एक्सपायरी के करीब पहुंच रहे माल को सस्ते में खरीदकर महंगे में बेचता था. इसी अनुभव का हवाला देकर उसने तीनों निवेशकों का विश्वास जीता. लेकिन, निवेश में ऐंठी गई रकम का उपयोग व्यापार में करने के बजाय आरोपी ने निजी खर्च, कर्ज चुकाने और अन्य कामों में कर दिया.पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने एक गोदाम बना रखा था, जिसमें खराब और ऐसा माल भर रखा था, जिसकी एक्सपायरी तारीख नजदीक थी. इस माल को ही दिखाकर उसने निवेशकों को झांसे में लिया था. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने यह माल केवल दिखावे के लिए गोदाम में रखा था.
डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि बैंक खातों की पड़ताल में आरोपी द्वारा रकम को अपने व्यक्तिगत खातों में ट्रांसफर करना पाया गया है. आरोपी ने शपथ पत्र में भी स्वीकार किया कि उसने साझेदारों को गलत जानकारी देकर पैसे निजी कामों में खर्च किए. क्राइम ब्रांच ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है. मामले में आगे की पूछताछ कर अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है
