जम्मू 01 जुलाई (वार्ता) जम्मू-कश्मीर के ‘मंदिरों के शहर’ जम्मू से बुधवार को श्री अमरनाथ यात्रा के लिए पहला जत्था भगवती नगर-यात्री निवास आधार शिविर से रवाना होगा। शहर में अब ‘बम बम भोले’ के जयघोष के साथ पूरा वातावरण भक्तिमय हो रहा है।
केन्द्र शासित प्रदेश के राज्यपाल मनोज सिन्हा बाबा बर्फानी की वार्षिक यात्रा के लिए पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इनमें ‘साधु’ भी शामिल हैं, जो यात्री निवास और अन्य केंद्रों पर पहुंच चुके हैं। ‘बम बम भोले’ और ‘हर हर महादेव’ का नारा लगाते हुए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहले जत्थे में शामिल होने के लिए काफी श्रद्वालु यहां पहुंच गये हैं।
दक्षिण कश्मीर हिमालय के अनंतनाग जिले में पवित्र गुफा के लिए रवाना होने के बाद तीर्थयात्री प्राकृतिक रूप स्वनिर्मित बर्फ के शिवलिंग के दर्शन करेंगे।
एक तीर्थयात्री ने कहा, “ हम यात्रा शुरू होने से खुश हैं। मैंने अपना पंजीकरण ऑनलाइन करवाया था और कल शाम जम्मू पहुंच गया। ”
उन्होंने जम्मू-कश्मीर प्रशासन और श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड द्वारा किये गये पर्याप्त इंतजामों की सराहना करते हुए कहा, “प्रशासन ने तीर्थयात्रियों के लिए बहुत अच्छे इंतजाम किये गये हैं, चाहे वह पंजीकरण काउंटर हो, लंगर (सामुदायिक रसोई), परिवहन या सुरक्षा, सब कुछ सराहनीय है। ”
अधिकारियों ने ऑफलाइन मोड के माध्यम से खुद को पंजीकृत कर यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों के लिए सरस्वती धाम में टोकन वितरण केंद्र भी खोला है। अधिकारियों ने कहा, “ टोकन मिलने के बाद वैष्णवी धाम, पंचायत भवन और महाजन सभा केंद्रों पर पंजीकरण पूरा किया जा सकता है, जो सुबह सात बजे खुलते हैं। ”
उन्होंने बताया कि प्रतिदिन केवल 2,000 पंजीकरण किये जाने हैं, उन्होंने कहा, “ कोटा समाप्त होने के बाद काउंटर बंद हो जायेंगे। ”
जम्मू संभागीय आयुक्त रमेश कुमार ने हाल ही में कहा था कि अमरनाथ यात्रा को रेलवे के माध्यम से अनुमति नहीं दी जायेगी और जम्मू क्षेत्र के पांच प्रमुख जिलों में 60 आरएफआईडी केंद्र भी स्थापित किये गये हैं। उन्होंने कहा, “ यात्रा को रेलवे के माध्यम से अनुमति नहीं दी जायेगी। प्रशासन और सुरक्षा बलों द्वारा उचित जांच प्रकिया के तहत इसे केवल सड़क मार्ग से ही अनुमति दी जायेगी। ”
उन्होंने कहा कि भगवती नगर यात्रा शिविर में विस्तृत व्यवस्था की गयी है, जहां यात्री परंपरागत बालटाल और पहलगाम यात्रा आधार शिविरों के लिए काफिले में रवाना होने से पहले पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि जम्मू संभाग में पर्याप्त नागरिक सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था के साथ कुल 141 ठहरने के केंद्र स्थापित किये गये हैं, जबकि जम्मू, कठुआ, सांबा, उधमपुर और रामबन जिलों में 52 लंगर और 60 आरएफआईडी केंद्र काम करेंगे और सरस्वती धाम में टोकन केंद्र के साथ पांच पंजीकरण केंद्र जम्मू में चालू किये जा रहे हैं।
जम्मू के पुलिस महानिरीक्षक ने लोगों से प्रशासन द्वारा जारी किये जा रहे, ‘क्या करें और क्या न करें’ परामर्श और सार्वजनिक सलाह का पालन करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि आम जनता समर्पित नियंत्रण कक्षों से पवित्र यात्रा से संबंधित सीधे जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किये गये हैं।
अधिकारियों ने कहा कि यात्रा के सुचारू संचालन के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गयी है। कठुआ जिले में लखनपुर कॉरिडोर – सड़क मार्ग से आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए केन्द्रशासित प्रदेश में पहला प्रवेश द्वार को भी प्रशासन द्वारा सुसज्जित, बहु-उपयोगिता सुविधा केंद्र में बदल दिया गया है।
यात्रियों के प्रश्नों का जवाब देने और उनके पूरे प्रवास के दौरान उनकी सहायता करने के लिए एक 24 घंटे सातों दिन सूचना हेल्प डेस्क चालू किया गया है। यातायात विभाग ने यात्रा काफिले के आवागमन के समय राजमार्गों और शहर की सड़कों पर चलने वाले वाणिज्यिक और निजी वाहनों के लिए भी परामर्श जारी किया है। जम्मू के स्थानीय लोगों ने हालांकि यात्रा शुरू होने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा है कि वे देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत करने के लिए तैयार हैं।
