
सिंगरौली । जिले में अवैध खनिज परिवहन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने अब तकनीक का सहारा लेते हुए सख्ती और बढ़ा दी है। कलेक्टर सिंगरौली के निर्देश पर खनिज विभाग ने ई-चेक गेट प्रणाली को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है।
खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल ने बताया कि म.प्र. शासन की 16 अप्रैल से लागू संशोधित अधिसूचना के तहत पूरे प्रदेश में 40 मानव रहित ई-चेक गेट प्रभावी रूप से कार्यरत हो गए हैं, जिनका उद्देश्य खनिज परिवहन की पारदर्शी और सटीक निगरानी सुनिश्चित करना है। जिले में तेलाई तहसील सिंगरौली, नौगई तहसील चितरंगी और खनहना बैरिया तहसील देवसर में स्थापित ई-चेक गेट अब 24&7 ऑनलाइन मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इन गेटों से गुजरने वाले प्रत्येक खनिज परिवहन वाहन की जानकारी स्वत: सिस्टम में दर्ज हो रही है, जिससे मानवीय हस्तक्षेप समाप्त हो गया है और भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी कम हो गई हैं। खनिज अधिकारी के अनुसार अब सभी वाहनों पर आरएफआईडी टैग लगाना अनिवार्य कर दिया गया है, जो वाहन के फ्रंट ग्लास पर लगाया जाता है। इसके साथ ही ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर एएनपीआर और हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीव्ही कैमरों के माध्यम से वाहन का नंबर, वजन और खनिज की मात्रा का मिलान किया जाएगा। यदि किसी वाहन में ओवरलोड, बिना ई-टीपी या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध परिवहन में लिप्त पाए जाने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई होगी और आवश्यक होने पर वाहनों की जप्ती भी की जाएगी। यह नई व्यवस्था खनिज माफियाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
