न्यूयॉर्क, 24 अप्रैल (वार्ता) गाज़ा पट्टी में अक्टूबर 2023 से दिसंबर 2025 के बीच इजरायल की सैन्य कार्रवाई में 38,000 से अधिक महिलाएं और लड़कियां मारी गयी हैं, जो इस अवधि में प्रतिदिन औसतन 47 मौतों के बराबर है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी। संयुक्त राष्ट्र महिला इकाई की रिपोर्ट ‘गाज़ा में युद्ध की कीमत: महिलाएं और लड़कियां’ में कहा गया है कि यह संख्या उसी अवधि में दर्ज कुल मौतों के आधे से अधिक है। गाज़ा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, सात अक्तूबर 2023 को हमास के हमले के बाद शुरू हुए इजरायल के सैन्य अभियान में अब तक 71,200 लोगों की मृत्यु दर्ज की गयी है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की कुल हिस्सेदारी सभी मृतकों में आधे से अधिक है। साथ ही यह भी संकेत दिया गया है कि वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है, क्योंकि मलबे में दबे शवों को निकालने में कठिनाई और स्वास्थ्य तथा सूचना तंत्र के बाधित होने के कारण कई मामलों की रिपोर्टिंग नहीं हो पाई है।
आंकड़ों के अनुसार, महिलाओं और बच्चों की मौतों में वृद्धि उन अवधियों में देखी गई जब नागरिक ढांचे जैसे घर, स्कूल और आश्रय स्थलों का व्यापक विनाश हुआ। रिपोर्ट में यह भी अनुमान लगाया गया है कि गाज़ा में लगभग 11,000 महिलाएं और लड़कियां स्थायी विकलांगता का सामना कर रही हैं।
संघर्ष विराम के बावजूद क्षेत्र की स्थिति गंभीर बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, संघर्ष विराम लागू होने के बाद भी 750 से अधिक फलस्तीनी मारे गए हैं और 2,000 से अधिक घायल हुए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर संघर्ष विराम उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं, जबकि महिलाओं और लड़कियों के लिए खतरे अब भी बने हुए हैं।

