ब्रसेल्स, 24 अप्रैल (वार्ता) यूरोपीय संघ ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान के साथ चल रही कूटनीतिक वार्ताओं में तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल नहीं किया गया तो परिणाम कमजोर और अस्थिर हो सकता है, जिससे ईरान अधिक खतरनाक स्थिति में पहुंच सकता है। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने साइप्रस में आयोजित एक अनौपचारिक बैठक के दौरान कहा कि परमाणु विशेषज्ञों को वार्ता से बाहर रखना किसी भी संभावित समझौते को कमजोर कर सकता है।उन्होंने कहा कि इस तरह का दृष्टिकोण वर्ष 2015 के परमाणु समझौते संयुक्त व्यापक कार्य योजना में निर्धारित सुरक्षा मानकों से कमतर होगा, जिसके तहत ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कड़े प्रतिबंध लगाये गये थे और बदले में प्रतिबंधों में राहत दी गयी थी।
सुश्री कलास ने कहा कि केवल परमाणु मुद्दों पर सीमित ध्यान पर्याप्त नहीं होगा। यदि ईरान के मिसाइल कार्यक्रम, क्षेत्रीय गतिविधियों और साइबर क्षमताओं जैसे पहलुओं को नजरअंदाज किया गया, तो इससे भविष्य में अधिक जोखिम पैदा हो सकता है। इस बीच, पूर्व ईरानी राजनयिक कोरुश अहमदी ने कहा है कि ईरान और अमेरिका अपने-अपने रुख में फंसे हुए हैं, जिससे परमाणु वार्ताओं पर असर पड़ सकता है। उन्होंने यूरोन्यूज के साथ बातचीत में कहा कि दोनों पक्ष घरेलू राजनीतिक दबावों के कारण अपनी घोषित स्थितियों से पीछे हटने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं, जिससे समझौते की संभावना प्रभावित हो सकती है। ल्लेखनीय है कि ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाक़िर गालिबाफ और अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वांस के बीच इस सप्ताह इस्लामाबाद में प्रस्तावित वार्ता का दूसरा दौर आयोजित नहीं हो सका।

