महापौर ने शहर में किया नदी घाटों का अवलोकन
इंदौर: शहर में नदियों की सफाई और संरक्षण एक बड़ी चुनौती है. घाटों को सुंदर बनाना, सीवरेज-ड्रेनेज के पानी को नदी में जाने से रोकना और गाद निकालने का कार्य नगर निगम के प्राथमिक कार्यों में शामिल है. नगर निगम लगातार इसका प्रयास करता रहेगा.यह बात आज सुबह महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नदी नालों के निरीक्षण के दौरान कही.
निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि नदी, तालाब, कुएं और बावड़ी जैसे जल स्रोत के संरक्षण और सफाई करना और रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है. सफाई के लिए आज महापौर ने कुछ निर्णय भी लिए, जिसमें जल संरक्षण और स्त्रोतों को बचाने की योजना लागू करना है. निरीक्षण के दौरान जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा और अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया , ड्रेनेज प्रभारी विवेश जैन सहित कई जनप्रतिनिधि और निगम अधिकारी मौजूद थे.
निरीक्षण के दौरान लिए गए निर्णयः
सरस्वती नदी पर नौका विहार- अमितेश नगर स्थित सरस्वती नदी में नाव चलाने की योजना बनाई है.
घाटों का सौंदर्यीकरण- गणगौर घाट और कृष्णपुरा घाट का नया स्वरूप तैयार किया जाएगा.
संस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा- पुराने घाटों को संवारकर उन पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है.
जल स्रोतों का पुनर्जीवन- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजन में 100 से अधिक बावड़ियों को पुनर्जीवित करना है.
छठ पूजा घाट निर्माण- मुख्यमंत्री जी की घोषणा अनुसार शहर में छठ पूजा के लिए तीन नए घाट बनाएं जाएंगे.
