जिला चिकित्सालय में सीबीसी व यूरिन जांच ठप

सिंगरौली: जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर की हालत इन दिनों बदहाल व्यवस्था और लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन चुकी है। एक ओर अस्पताल परिसर में 134 प्रकार की नि:शुल्क पैथोलॉजी जांच का बोर्ड लगा है, तो दूसरी ओर हकीकत यह है कि यहां बेसिक जांच तक ठप पड़ी है। पिछले तीन-चार दिनों से सीबीसी जैसी महत्वपूर्ण जांच बंद है, जबकि करीब 20 दिनों से यूरिन जांच भी नहीं हो रही है। यह स्थिति तब है, जब सीबीसी जांच ओपीडी, इमरजेंसी और ऑपरेशन जैसे गंभीर मामलों के लिए बेहद जरूरी मानी जाती है।

अस्पताल में जांच व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रही पीओसीटी साइंस हाउस प्राइवेट लिमिटेड की लापरवाही अब खुलकर सामने आ रही है। आरोप है कि कंपनी न तो मशीनों का सही रखरखाव कर पा रही है और न ही समय पर किट उपलब्ध करा रही है, जिसके चलते पैथोलॉजी सेवाएं पूरी तरह चरमराई हुई हैं। हालत यह है कि यदि कोई गंभीर मरीज या सिजेरियन का मामला आता है, तो अस्पताल में आवश्यक जांच तक नहीं हो पा रही है। इस अव्यवस्था का सबसे ज्यादा खामियाजा गरीब और दूरदराज से आने वाले मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। अस्पताल में रोजाना 50 से अधिक मरीज जांच के लिए पहुंचते हैं, लेकिन सुविधाएं ठप होने के कारण उन्हें मजबूरन निजी पैथोलॉजी लैब का रुख करना पड़ रहा है।

इससे जहां मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, वहीं सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों की मानें तो अस्पताल में लगी मशीनें लंबे समय से खराब पड़ी हैं, लेकिन उनकी मरम्मत या बदलने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। यह भी सवाल उठ रहा है कि जब जांच की जिम्मेदारी कंपनी को सौंपी गई है, तो आखिर मरीजों को बाहर क्यों भेजा जा रहा है। इस पर भी सवाल दागे जा रहे हैं। साथ ही यदि अस्पताल की जांच मशीने खराब है तो कहीं न कहीं इसका फायदा नीजी पैथोलॉजियों को लाभ मिलेगा और ऐसे में मरीजो की जेब भी हल्की होंगी। इसके अलावा इस चिलचिलाती धूप में उन्हें शहर में भटकना भी पड़ेगा। हालांकि सिविल सर्जन का दावा है कि मशीन दूसरी लग गई है।
अस्पताल में जांच ठप, प्रबंधन बेखबर
जिला चिकित्सालय सह ट्रॉमा सेंटर में हालात इतने खराब हैं कि अस्पताल में जरूरी पैथोलॉजी जांच ठप पड़ी हैं। जिला अस्पताल प्रबंधन पहले बेखबर था। अब जानकारी होने के बाद सक्रियता दिखाते हुये जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर बैढ़न के पैथोलॉजी विशेषज्ञ से जानकारी ली गई। जबकि सीबीसी और यूरिन जैसी बेसिक जांच बंद होने से मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है और उन्हें मजबूरन निजी लैब का सहारा लेना पड़ रहा है। यह स्थिति न केवल लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है और साथ ही अस्पताल में दूरदराज से आने वाले ग्रामीण इस परेशानी से जूझते हुये सवाल खड़े कर रहे हैं।
इनका कहना:-
पिछले तीन दिनों से सीबीसी मशीन खराब होने के कारण जांच कार्य प्रभावित है। संबंधित एजेंसी और वरिष्ठ कार्यालय को पत्राचार कर मशीन की मरम्मत या बदलाव के लिए अवगत कराया गया है। उन्होंने कहा कि मशीन ठीक होते ही जांच सेवाएं पुन: सुचारू रूप से प्रारंभ कर दी जाएंगी, जिससे मरीजों को राहत मिल सके।
डॉ. प्रत्यूष झा.
एमडी, पैथोलॉजी विशेषज्ञ
इनका कहना:-
तकनीकी कारणों के साथ-साथ गर्मी के चलते जांच मशीन अच्छी तरह से काम नही कर रही थी। इलेक्ट्रॉनिक मशीने हैं, कुछ न कुछ कमी अचानक आ जाती है। दूसरी मशीन आज लग गई है, सीबीसी एवं यूरिन जांच जारी है।
डॉ. कल्पना रवि
सिविल सर्जन
जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर, बैढ़न

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