जबलपुर: अमखेरा स्थित एक निजी विद्यालय में कक्षा 10वीं (सत्र 2025–26) के छात्रों के आंतरिक मूल्यांकन अंकों में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद अभिभावकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस मुद्दे को लेकर अभिभावकों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालय द्वारा इंटरनल नंबर देने में जानबूझकर भेदभाव किया गया। जो छात्र गोवा ट्रिप में शामिल नहीं हुए, उन्हें कम अंक दिए गए, जबकि ट्रिप में गए छात्रों को पूर्ण अंक प्रदान किए गए।
इससे बोर्ड परीक्षा के अंतिम परिणाम पर सीधा असर पड़ा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए अभिभावकों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और एडिशनल एसपी को शिकायत देकर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ जानबूझकर किया गया अन्याय है। अभिभावक एवं विद्यार्थियों में अमित पलिया, रुद्ध सिंह, सीबी यादव, निशांत तिवारी, वीनी यादव, पूजा, शिल्पा, चित्रा मालवीय सहित सैकड़ों अभिभावकों ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है।
सीबीएसई भोपाल को भी भेजी जानकारी
बताया जा रहा है कि इस अनियमितता को स्वयं विद्यालय प्रबंधन ने स्वीकार किया है और इस संबंध में सीबीएसई भोपाल को भी जानकारी भेजी गई है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से अभिभावकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सचिन गुप्ता ने कहा कि यदि किसी ट्रिप के आधार पर छात्रों के अंक तय किए जा रहे हैं, तो यह शिक्षा व्यवस्था के लिए बेहद खतरनाक संकेत है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
