दुनिया का सर्वश्रेष्ठ शिक्षा का केंद्र बने राजस्थान : बिरला

जयपुर, 22 अप्रैल (वार्ता) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि राजस्थान दुनिया का सर्वश्रेष्ठ शिक्षा का केंद्र बने और दुनिया भर से युवा राजस्थान में पढ़ने आए, ऐसा सभी को मिलजुल कर प्रयास करना होगा ताकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन विकसित भारत 2047 का सपना साकार हो सके।

श्री बिरला बुधवार को यहां जयश्री पेरिवाल ग्लोबल विद्यालय के नवीन परिसर का उद्घाटन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि यह दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास से संभव हो सकेगा। उन्होंने लोकतंत्र को हमारी सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि हमारे देश का संविधान विश्व की अन्य देशों की लोकतंत्र का मार्गदर्शक बन गया है। उन्होंने बदलते भारत की तस्वीर में सहभागी बनने के लिए लोगों का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि केवल सांसद एवं विधायक बनना ही लोकतंत्र नहीं हैं जबकि समानता, सबके विचार एवं मत तथा किसी में भेद नहीं होना लोकतंत्र हैं। उन्होंने युवाओं से श्री मोदी से प्रेरणा लेने का आह्वान करते हुए उनका मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक पहुंचने के सामर्थ्य का जिक्र करते हुए कहा कि आज के युवा में वह सामर्थ्य हैं और वे अपनी प्रतिभा एवं सामर्थ्य से श्री मोदी के सपना विकसित भारत 2047 को पूरा करने में अह्म भूमिका निभायेंगे।

इस अवसर पर राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि शिक्षा केवल अक्षरज्ञान नहीं, बल्कि वह अग्नि है जो व्यक्ति के भीतर छिपी चेतना को प्रज्ज्वलित करती है और उसे साधारण से असाधारण बनाती है। श्री देवनानी ने नालंदा और तक्षशिला जैसे प्राचीन ज्ञान केंद्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत सदैव से ज्ञान का वैश्विक केंद्र रहा है और आज पुनः उसी गौरव की ओर अग्रसर है।

उन्होंने कहा कि इतिहास में अनेक आक्रमणों के बावजूद भारत की संस्कृति एवं ज्ञान परंपरा को समाप्त नहीं किया जा सका, क्योंकि ज्ञान अमर है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आर्थिक, सांस्कृतिक और आत्मिक रूप से पुनर्जागरण की और है तथा “विकसित भारत” का संकल्प साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

श्री देवनानी ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने शिक्षकों और बड़ों से भारत की महान परंपराओं और उपलब्धियों के बारे में जानें। उन्होंने कहा कि एक समय विश्वभर से लोग भारत में शिक्षा प्राप्त करने आते थे और आज भी भारत अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। विद्यार्थियों को विदेश में शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ अपनी जड़ों से जुड़े रहना चाहिए और जो भी ज्ञान अर्जित करें, उसे राष्ट्र निर्माण में लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत विश्वगुरु हैं और रहेगा।

प्रारंभ में विद्यालय की चेयपर्सन जयश्री पेरिवाल कार्यक्रम की जानकारी दी। इससे पहले श्री बिड़ला और श्री देवनानी ने नवनिर्मित भवन में बनाए गए आधुनिक कक्षा कक्षों का अवलोकन किया।

 

 

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