जयपुर, 22 अप्रैल् (वार्ता) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा है कि पचपदरा रिफाइनरी के कार्य में भारतीय जनता पार्टी के कारण हुई अनावश्यक देरी एवं अब जल्दबाजी में उद्घाटन के प्रयास में हुई दुर्घटना से ध्यान भटकाने तथा अपनी असफलता छिपाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भ्रामक भाषण दे रहे हैं जबकि आज घटना के दो दिन बाद भी आधिकारिक तौर पर यह जानकारी नहीं दी गई है कि रिफाइनरी में दुर्घटना क्यों हुई।
श्री गहलोत ने बुधवार को अपने बयान में यह आरोप लगाते हुए कहा कि श्री शर्मा का यह बयान कि रिफाइनरी में राजस्थान सरकार की 26 प्रतिशत भागीदारी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कारण हुई पूर्णतः असत्य है। उन्हें शायद जानकारी ही नहीं है कि रिफाइनरी में राज्य सरकार की 26 प्रतिशत भागीदारी वर्ष 2013 में हुए शिलान्यास के समय से ही है।
उन्होंने कहा कि पचपदरा में रिफाइनरी के लिए केन्द्र सरकार एवं एचपीसीएल ने तब यह शर्त रखी थी कि राज्य सरकार 26 प्रतिशत हिस्सेदारी ले, तभी यहां रिफाइनरी बनाई जा सकती है। सामान्यतः रिफाइनरी में राज्य सरकार की हिस्सेदारी नहीं होती है, क्योंकि रिफाइनरी कई बार घाटे में चलती है। ऑयल कंपनियों के पास कई रिफाइनरियां होती हैं, जहां कहीं लाभ तो कहीं हानि होती है जिससे उनकी भरपाई हो जाती है। राज्य की हिस्सेदारी होने पर घाटे का नुकसान राज्य को भी उठाना होगा परन्तु इस शर्त के कारण राजस्थान को हिस्सेदारी लेनी पड़ी।
श्री गहलोत ने कहा कि उन्होंने पहले भी कहा था कि भाजपा की ओर से ऐसे बयान आ रहे हैं जिससे पता चलता है कि इन्हें रिफाइनरी की ‘एबीसीडी’ भी मालूम नहीं है। उनके बयान इसी बात को सिद्ध करते हैं। इसी प्रकार, वे रिफाइनरी में भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। 12 साल से केन्द्र एवं सवा दो साल से राज्य में सरकार होने के बावजूद अभी तक इन्होंने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की।
