भोपाल। हमीदिया अस्पताल के पास की सड़के थक कर हाफ रही है, समय-समय पर इस सड़क पर काम कर के इसे सीमेंट और कंक्रीट का तो बना दिया पर दिन भर बाइक, कार, ऑटो, बस और ट्रक की आवाजाही से लगने वाले जाम ने इस सड़क की उम्र कम कर दी है.शहर के पहले मास्टर प्लान 1975 के मुताबिक उस सड़क से हर घंटे 1700 वाहन की आवाजाही होती थी जो की अब 15 हज़ार के पास पहुंच चुकी है. लेकिन प्रशासन द्वारा हर बार सड़क चौड़ी करने की बात पर जगह का हवाला दिया जाता है. जिससे ना ही सड़क की चौड़ाई बढ़ी और नाही कोई फ्लाईओवर का निर्माण हुआ. यह हाल सिर्फ भोपाल के पुराने ही नहीं बल्कि नए हिस्सों का भी है. भोपाल के अरेरा कॉलोनी, दुर्गा नगर, शिवजी नगर, जैस इलाकों में भी साल 1975 में वाहनों के गुजरने की संख्या 18 हज़ार थी, जिसमे वाहनों की संख्या साल दर साल 85 से 90 फीसदी बढ़ रही थी, उस हिसाब से साल 1991 तक वाहनों की संख्या का अंदाजा 4 लाख 50 हज़ार का लगाया था, और उसी आधार पर सड़कों की चौड़ाई तय की गई थी. बीते 50 सालों में सड़कों के इन हिस्सों की चौड़ाई न बढऩे के कारण अब सड़के जाम लगने की परेशानी से ग्रसित है।
बीते 50 सालों में नहीं हुई कई सड़के चौड़ी, शहर की पहली सड़क हाफ रही
