इंदौर: बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने के कलेक्टर के आदेश के चलते शहर भर में असमंजस और विवाद की स्थिति पैदा हो गई.अधिकांश पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे ऑफिस, कॉलेज और अन्य जरूरी कार्यों पर जाने वाले लोग खासे परेशान हुए.कई स्थानों पर लोगों ने एक-दूसरे से हेलमेट अदला-बदली कर पेट्रोल डलवाया. कुछ जगह कर्मचारियों ने हेलमेट होने के बावजूद भी पेट्रोल देने में आनाकानी की.
महिलाओं और छात्राओं ने भी दूसरों से हेलमेट लेकर काम चलाया.सख्त आदेशों के तहत अब बिना हेलमेट किसी भी शासकीय कार्यालय में प्रवेश नहीं मिलेगा. कलेक्टर आशीष सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दोपहिया वाहन से आने वाले सभी शासकीय अधिकारी और कर्मचारी हेलमेट पहनकर ही कार्यालय में प्रवेश करें.
वहीं कई कर्मचारी संगठनों ने इस नियम का समर्थन किया और कर्मचारियों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक करने की बात कही. हालांकि सड़क सुरक्षा की दृष्टि से यह कदम जरूरी है, लेकिन बिना पूर्व तैयारी और जन-जागरूकता के ऐसे आदेशों से जनता में भ्रम और अव्यवस्था फैलना स्वाभाविक है
