
सीधी । जिले में जिला कलेक्टर विकास मिश्रा के निर्देश पर एवं कुसमी एसडीएम शैलेंद्र द्विवेदी के मार्गदर्शन पर महिला बाल विकास की प्रभारी परियोजना अधिकारी मांन कुमारी पनाडिया एवं थाना प्रभारी कुसमी अरुणा द्विवेदी की सक्रियता से कुसमी की टीम ने आधा दर्जन बाल विवाह रोककर यह साबित कर दिया है कि अधिकारियों के रहते लाडली बच्चियों का बाल विवाह नहीं किया जा सकता है। लगातार छापामार कार्यवाही होने को लेकर बाल विवाह करने वाले लोगों पर हडक़ंप मचा हुआ है। पूरे मामले में प्रभारी परियोजना अधिकारी मांन कुमारी ने जानकारी देकर बताया कि खण्ड स्तरीय टीम गुप्त तरीके से क्षेत्र में काम कर रही है एवं सूत्रों और समाज सेवायों की के मदद से हमें समय से जानकारी प्राप्त हो जाती रही है और थाना प्रभारी कुसमी अरूणा द्विवेदी की सक्रियता एवं टीम की मदद से कुसमी ब्लाक अंतर्गत आधा दर्जन बाल विवाह होने पर रोक लगा देने मे कामयाबी हासिल हुयी है। जानकारी देकर बताया कि ग्राम पंचायत कोटमा में लाडली बच्ची की उम्र 15 वर्ष 29 दिन था जिसका विवाह अशोक प्रजापति पिता राममिलन प्रजापति निवासी दुधमनिया थाना सरई जिला सिंगरौली के साथ होना सुनिश्चित हुआ था, जैसे ही जानकारी प्राप्त हुई थाना प्रभारी कुसमी अरुणा द्विवेदी एवं परियोजना अधिकारी कुसमी मांन कुमारी पनाडिया की टीम ग्राम कोटमा पहुंची और समाज सेविय की उपस्थिति में दोनों परिवार के परिजनो से बातचीत करके समझाइस दी गई और परिवार ने बाल विवाह नहीं करने का शपथ लिया एवं पड़ोसियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में पूरे नियमों की विधिवत समझाइस दी गई इसके बाद उन्होंने बाल विवाह नहीं करने की बात कही तब जाकर कोटमा में बाल विवाह रोक दिया गया। ठीक इसी तरह ग्राम पंचायत गोतरा में 17 वर्ष 5 दिन की बालिका का विवाह माखनलाल साहू पिता राम खेलावन साहू निवासी अकला थाना मड़वास जिला सीधी से होना सुनिश्चित हुआ। जहां परिवार समझाइस परिजनों को देकर बाल विवाह रोक दिया गया। इसी तरह ग्राम पंचायत शंकरपुर में 17 वर्ष 8 माह की कन्या का विवाह राजीव यादव पिता चंद्रभान यादव ग्राम सतनरा गांधीग्राम जिला सीधी के साथ होना सुनिश्चित हुआ था, जहां टीम ने पहुंचकर परिजनों को समझाइस दी दोनों परिजनों के मान जाने के बाद टीम वापस आई। इसी तरह से ग्राम पंचायत गोतरा में 17 वर्ष 4 माह की बालिका का विवाह राकेश गोस्वामी पिता त्रिवेणी नाथ गोस्वामी निवासी गोतरा के साथ होना सुनिश्चित हुआ था, वहां भी पहुंचकर टीम ने बाल विवाह रोक दिया। इसी तरह बताया कि ग्राम पंचायत रौहाल में 15 वर्षीय बालिका का विवाह छत्तीसगढ़ हो रहा था। समझाइस दी गई विवाह रोक दिया गया है एवं बजवई में भी 17 वर्ष माह 8 बालिका की शादी प्रदीप कुमार जायसवाल पिता दुर्गा प्रसाद जायसवाल ग्राम मनिकीहर में होना सुनिश्चित हुआ था। जहां पहुंचकर टीम ने बाल विवाह को रोक दिया है।
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परियोजना अधिकारी ने लोगों से की अपील
मामले पर परियोजना अधिकारी ने क्षेत्रीय लोगों से अपील करते हुए कहा है कि अपनी बच्चियों की शादी 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद ही करें यदि कोई जबरन तरीके से बाल विवाह करता है तो दोनों परिवारों के जिम्मेदार लोगों के प्रति कार्यवाही की जाएगी इसलिए शासन के नियमों को समझते हुए बालिका का विवाह करें। इसकी सम्पूर्ण जानकारी के लिये हर एक पंचायत में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका है वहां से अपने बच्चों के उम्र की जानकारी एवं बाल विवाह के संबंध में आप जानकारी के बाद ही अपने बालिकाओं बच्चों की शादी करे बाल विवाह न करें अन्यथा कार्यवाही होगी। वहीं मामले पर थाना प्रभारी कुसमी अरुणा द्विवेदी ने बताया भारत में बाल विवाह करना या करवाना बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत एक संज्ञेय और गैर जमानती अपराध है। इसके अंतर्गत दोषी को 2 वर्ष तक का कठोर कारावास और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। इसलिए बाल विवाह करने से बचे।
