कान्हा टाइगर रिजर्व में नर बाघ शावक की मौत

बालाघाट। जिले की सीमा से सटे कान्हा टाइगर रिजर्व अंतर्गत वन परिक्षेत्र सरही के बड़े अमाही नाला क्षेत्र में 21 अप्रैल 2026 को एक नर बाघ शावक की मृत्यु का मामला सामने आया है। यह घटना बीट सरहीनकान, कक्ष क्रमांक 668 (69) में दर्ज की गई, जिसके बाद वन विभाग द्वारा तत्काल कार्रवाई शुरू की गई।

क्षेत्र संचालक कान्‍हा टाईगर रिजर्व मण्‍डला ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण नई दिल्ली तथा मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक, मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप स्थल को सुरक्षित कर लिया गया। डॉग स्क्वाड की मदद से पूरे क्षेत्र में सघन जांच अभियान चलाया गया। निरीक्षण के दौरान आसपास मादा बाघ अपने अन्य शावकों के साथ देखी गई, जिससे यह संकेत मिला कि घटना किसी बाहरी हमले से जुड़ी नहीं हो सकती।

मृत बाघ शावक के पोस्टमार्टम के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम को मौके पर बुलाया गया। इस टीम में जबलपुर से प्रोफेसर (स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ फॉरेंसिक एंड हेल्थ) डॉ. सोमेश सिंह, पशु चिकित्सा अधिकारी मोतीनाला डॉ. सुनील गोयल तथा बिछिया के डॉ. विशाल उद्दे शामिल रहे। टीम द्वारा घटनास्थल पर ही विधिवत शव परीक्षण किया गया, जिसमें शावक के सभी अंग सुरक्षित पाए गए। प्राथमिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर शावक की मृत्यु स्वाभाविक कारणों से होना प्रतीत हो रही है। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष विस्तृत रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा। निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन करते हुए शावक के शव का दाह संस्कार भी मौके पर ही किया गया।

इस पूरी कार्रवाई के दौरान मुख्य वन संरक्षक जबलपुर एम.आर. बघेल, क्षेत्र संचालक, उप संचालक, सहायक संचालक सहित वन विभाग के अधिकारी, प्रशासनिक अमला, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की प्रतिनिधि, मानद वन्यप्राणी अभिरक्षक एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई। वन विभाग ने बताया कि मामले की सतत निगरानी की जा रही है और किसी भी संभावित कारण की जांच को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। फिलहाल, क्षेत्र में स्थिति सामान्य है और मादा बाघ अपने शेष शावकों के साथ सुरक्षित देखी गई है।

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