जबलपुर: रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के पंडित कुंजीलाल प्रेक्षागृह में मंगलवार को एक जीवंत और रंग-बिरंगा दृश्य देखने को मिला, जब नारी शक्ति वंदन आधारित त्रिदिवसीय हस्तशिल्प एवं कला प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। परिसर में प्रवेश करते ही विभिन्न स्टॉलों पर सजी आकर्षक हस्तनिर्मित वस्तुएं, छात्राओं का उत्साह और आगंतुकों की जिज्ञासा माहौल को खास बना रही थी। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं राज्यसभा सांसद श्रीमती सुमित्रा वाल्मीकी ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल कानून नहीं, बल्कि महिलाओं के सपनों को साकार करने का माध्यम है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सशक्त नारी, सशक्त भारत” अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अधिनियम महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करेगा। कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए प्रो. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा के अंतर्गत विश्वविद्यालय लगातार सकारात्मक पहल कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी न केवल कौशल विकास बल्कि उद्यमिता को भी बढ़ावा देगी। विशिष्ट अतिथि कुलसचिव डॉ. रविशंकर सोनवाल ने इसे महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। वहीं प्रभारी कुलगुरु प्रो. राकेश बाजपेयी ने कहा कि इस तरह की पहल से समाज में तेजी से सकारात्मक बदलाव आएगा।
हर स्टॉल पर दिखी हुनर की झलक
प्रदर्शनी में दो दर्जन से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां छात्राओं और महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। कहीं जूट के बैग और हैंडमेड ज्वेलरी थी, तो कहीं लिप्पन आर्ट और रेसिन आर्ट की बारीक कारीगरी। फैशन टेक्नोलॉजी से जुड़े स्टॉल पर डिजाइनर साड़ियां, सूट और ट्रेंडिंग परिधान देखने को मिले। मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श के स्टॉल भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे, जहां विशेषज्ञ आगंतुकों से संवाद करते नजर आए।
उत्साह, सहभागिता और सीख का संगम
प्रदर्शनी में छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। हर स्टॉल पर उपस्थित प्रतिभागी अपने उत्पादों के बारे में विस्तार से जानकारी देते नजर आए। आगंतुकों ने न केवल खरीदारी की, बल्कि कारीगरी की बारीकियों को भी समझा। कार्यक्रम संयोजक डॉ. अजय मिश्रा ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में कौशल विकास को प्रोत्साहित करना है। संचालन डॉ. मीनल दुबे ने किया।
शैक्षणिक परिवार की रही मौजूदगी
इस अवसर पर प्रो. जे.के. मैत्रा, डॉ. एम.एल. केवट, डॉ. एम.एल. साहू, सुश्री जोफिशा मंसब अंसारी, डॉ. सोनिका सिंह, श्री गुणीत वैद्य, सुश्री रविता सिंह, डॉ. अपर्णा अवस्थी, डॉ. शैलेष प्रसाद, डॉ. आशा रानी, डॉ. सत्य प्रकाश त्रिपाठी, डॉ. लीना हल्दकर, श्रीमती प्रतिभा डी, डॉ. रिंकेश भट्ट, डॉ. पल्लवी शुक्ला, डॉ. जावेद, डॉ. निधि दरबारी सहित बड़ी संख्या में फैकल्टी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
23 अप्रैल तक खुली रहेगी प्रदर्शनी
प्रदर्शनी 22 और 23 अप्रैल को विश्वविद्यालय के कार्यालयीन समय में आमजन के लिए खुली रहेगी। समापन 23 अप्रैल को होगा।
