
नई दिल्ली, 31 अक्टूबर 2025 : हर साल 31 अक्टूबर को ‘वर्ल्ड सेविंग्स डे’ मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य लोगों को बचत के महत्व के प्रति जागरूक करना और उन्हें जिम्मेदार वित्तीय योजना की ओर प्रेरित करना है। तेजी से बदलती अर्थव्यवस्था और बढ़ती महंगाई के दौर में बचत केवल एक आदत नहीं, बल्कि एक आवश्यक जीवनशैली बन गई है। इस दिन युवाओं और हर वर्ग के लोगों को बचत के प्रति जागरूक करने के लिए अलग-अलग कार्यक्रम किए जाते हैं। इस साल वर्ल्ड सेविंग्स डे 2025 की थीम ‘Your Future Starts With Saving’ यानी “आपका भविष्य बचत से शुरू होता है” रखी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आज की दुनिया में आर्थिक अनिश्चितता और आकस्मिक खर्चों के बीच बचत एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है। यह रकम न केवल आपातकालीन जरूरतों में सहारा बनती है, बल्कि दीर्घकालिक लक्ष्यों—जैसे घर, शिक्षा या रिटायरमेंट को पूरा करने में भी मदद करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, हर व्यक्ति को अपनी आय का कम से कम 20% हिस्सा बचत के रूप में अलग रखना चाहिए। भारत में अब PPF, NSC, सुकन्या समृद्धि योजना और म्यूचुअल फंड SIPs जैसे विकल्प लोकप्रिय हो रहे हैं।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के आँकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 में भारत की घरेलू बचत दर 29.5% रही। युवाओं में डिजिटल सेविंग्स का चलन तेजी से बढ़ा है। UPI, पेमेंट वॉलेट्स और ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म्स के आने से अब बचत और निवेश पहले से कहीं अधिक आसान और पारदर्शी हो गए हैं। वर्ल्ड सेविंग्स डे हमें याद दिलाता है कि आर्थिक सुरक्षा किसी संयोग से नहीं, बल्कि सुविचारित बचत से बनती है, इसलिए हर बचत भविष्य की मजबूत नींव रखती है।
