जबलपुर: प्रथम श्रेणी न्यायिक कोर्ट ने पत्नी व पुत्र के हक में अंतरिम भरण-पोषण राशि प्रदान करने का राहतकारी आदेश पारित किया। इसके अंतर्गत पति जबलपुर निवासी पवन झारिया को निर्देश दिया गया है कि वह प्रतिमाह 10 तारीख को पत्नी यशोदा झारिया व पुत्र अंश झारिया को तीन हजार रुपये अदा करें।आवेदिका यशोदा की ओर से अधिवक्ता प्रहलाद चौधरी, संकेत चौधरी ने पक्ष रखा। जिन्होंने दलील दी कि आवेदिका, अनावेदक की विवाहिता पत्नी है।
विवाह के कुछ समय बाद ही अनावेदक व उसके माता-पिता द्वारा शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताडि़त किया जाने लगा। मायके से दहेज का और सामान लाकर देने दबाव बनाया जाने लगा। जिस पर आवेदिका ने अपनी मां से 35 हजार रुपये लेकर दिए। इसके बाद भी लात-घूसों से मारपीट की जाती रही। यही नहीं सारा स्त्रीधन गहने आदि अपने पास रख लिए गए। साथ ही घर से निकाल दिया गया। जिसके बाद से आवेदिका अपने पुत्र सहित मायके में रहने विवश है। चूंकि पति चायनीज बनाने का ठेका लगाता है और प्रतिमाह 30 से 40 हजार रुपये कमाता है, अतरू भरण-पोषण राशि अपेक्षित है।
